प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रायबरेली में एक सभा को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान पीएम ने कांग्रेस पार्टी पर कई आरोप लगाए। आज देश में विजय दिवस भी मनाया जा रहा है। जिसमें 1971 के युद्ध के दौरान शहीद हुए जवानों को अमर जवान ज्योति पर रक्षामंत्री निर्मला सीतरमण ने तीनों सेनाओं के अधिकारियों के साथ श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा पीएम मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी शहीदों को याद किया।
अपने भाषण के दौरान पीएम ने कहा कि कांग्रेस को न तो जवानों की फिक्र है और न ही किसानों की। पिछली सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए कोई काम नहीं किया। जब केंद्र में हमारी सरकार आई तो स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया और अब किसानों की आय दोगुनी करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने एक बार भी 1971 के युद्ध में अहम भूमिका निभाने वालीं इंदिरा गांधी को याद नहीं किया। जिसके कारण कांग्रेसी नेता प्रमोद तिवारी नाराज हो गए हैं।
तिवारी ने कहा, 'मोदी की सभा से जनता उठकर जाने लगी थी। रायबरेली की जनता को बधाई की जिसने मोदी को नकार दिया। इंश्योरेंस के नाम पर जनता को ठगा गया था। अब जनता ने उनकी रवानगी को हरी झंडी दिखा दी है। 1971 में आज ही के दिन इंदिरा गांधी के नेतृत्व में बांग्लादेश का जन्म हुआ था। एक राष्ट्र का उदय हुआ था और एक गौरवशाली इतिहास लिखा गया था। पीएम ने आज के दिन इंदिरा जी के क्षेत्र में उन्हीं को अपमानित करने की कोशिश की है।'
तिवारी ने आगे कहा, 'आज भी उन्होंने (पीएम मोदी) इंदिरा जी को श्रद्धांजलि तक नहीं दी। यह पीएम पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। यह पीएम का विदाई भाषण था। जिस तरह पीएम गुमराह करते हैं मेरे दिमाग में एक नया नाम इनके लिए आया है। इनका नाम मिस्टर गुमराह है। सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करते हैं। देश को गुमराह करते हैं। किसान को गुमराह करते हैं। नौजवानों को गुमराह करते हैं। गुमराही के अलावा देश को मोदी जी से कुछ नहीं मिला।'