पुणे में नगर निगम चुनावों से पहले उप मुख्यमंत्री अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और उनके चाचा शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी (एसपी) ने सोमवार को गठबंधन कर लिया। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख के एक दिन पहले यह गठबंधन हुआ है।
पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम चुनावों के लिए यह नया गठबंधन सामने आया है, जिसमें एनसीपी (महायुति गठबंधन की सदस्य) और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) (विपक्षी महा विकास आघाड़ी की सदस्य) ने मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया।
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कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया फैसला: रोहित पवार
एनसीपी (शरद पवार गुट) विधायक रोहित पवार ने कहा कि स्थानीय कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए गठबंधन करने का फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि फिलहाल दोनों दल पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम चुनाव साथ लड़ेंगे। रोहित पवार ने स्पष्ट किया कि गठबंधन तय करने के फैसले में एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार शामिल नहीं हुए। हालांकि वह मानते हैं कि पार्टी कार्यकर्ता अहम हैं और उनके विचारों का चुनावों में महत्व है। गठबंधन के लिए सीटों का बंटवारा भी तय किया गया है। हालांकि रोहित पवार ने इसकी जानकारी साझा नहीं की।
कल नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन
महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होंगे और मतगणना अगले दिन होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 दिसंबर है।
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राजनीतिक दृष्टिकोण से पवार परिवार के लिए पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम बेहद अहम हैं, क्योंकि इन क्षेत्रों में कई आईटी और औद्योगिक इकाइयां हैं। यह क्षेत्र दशकों से पवार परिवार का राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है। 2023 में एनसीपी दो हिस्सों में बंट गई थी, जब अजित पवार और उनके समर्थक विधायक एनडीए की सरकार में शामिल हुए। हालांकि इन दोनों नगर निकायों में दोनों ने गठबंधन कर लिया है। भाजपा और शिवसेना (उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई में) ने अभी तक पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में गठबंधन का औपचारिक निर्णय नहीं लिया है।
कांग्रेस और उसकी एमवीए सहयोगी शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के बीच भी बातचीत चल रही है। अभी यह तय नहीं है कि दोनों दल अलग-अलग लड़ेंगे या नहीं। पुणे में कुल 165 और पिंपरी चिंचवाड़ में 128 निगम पदों पर चुनाव होने हैं। भाजपा 2017 से 2022 तक इन दोनों नगर निगमों में सत्ता में थी।
शिवसेना और एनसीपी मिलकर लड़ेंगे नासिक नगर निगम चुनाव
नासिक नगर निगम (एनएमसी) चुनावों में महायुति के सहयोगी भाजपा और शिवसेना-एनसीपी और विपक्षी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। भाजपा ने चुनावों में अकेले उतरने का फैसला किया है, जबकि उसके सहयोगी एनसीपी और शिवसेना ने एक साथ चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। वहीं, महा विकास आघाड़ी (एमवीए) भी लगभग तय कर चुकी है कि वे चुनाव एक साथ लड़ेंगे।
राज्य मंत्री और एनसीपी नेता नरहरि जिरवाल ने कहा कि भाजपा ने गठबंधन को लेकर कोई संदेश नहीं दिया। उन्होंने बताया कि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख से केवल एक दिन पहले शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और एनसीपी ने नासिक नगर निगम चुनावों में एक साथ लड़ने का निर्णय लिया है। जिरवाल ने कहा, किसे कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना है, इस पर कोई सवाल नहीं है। हम मेरिट के फार्मूले के आधार पर चुनाव लड़ रहे हैं। सीटों का बंटवारा इसी अनुसार होगा।
शिवसेना के पूर्व सांसद हेमंत गोडसे ने भी जिरवाल की बातों को दोहराया और भाजपा को 'सकारात्मक प्रतिक्रिया न देने' का जिम्मेदार ठहराया। वहीं, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट), एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे।