पिछले कुछ समय से संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत को लेकर देशभर में करणी सेना का विरोध प्रदर्शन जारी है। मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। जिसपर कोर्ट ने अपने पहले दिए आदेश पर रोक लगाने से साफ मना कर दिया है। जिसके बाद कोर्ट से फिल्म को एक बार फिर हरी झंडी मिल गई है। कोर्ट ने कहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद गुजरात के वित्त मंत्री नितिन पटेल ने कहा है कि हम फिल्म दिखाने वाले थिएटर्स को पूरी सुरक्षा प्रदान करेंगे लेकिन ज्यादातर सिनेमाहॉल फिल्म को रिलीज नहीं करना चाहते हैं।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री अनिल विज का कहना है कि थिएटर्स को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी। मध्यप्रदेश के कानून मंत्री रामपाल सिंह का कहना है कि हम कानूनी विशेषज्ञों से बात कर रहे हैं ताकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अमल में लाना सुनिश्चित कर सकें लेकिन इसके साथ ही हम लोगों की भावनाओं का भी ख्याल रखते हैं। हम एक बार फिर कोर्ट के पास जाने के विकल्प की तलाश कर रहे हैं।
थिएटर मालिकों का कहना है कि हम फिल्म को रिलीज नहीं करेंगे। वहीं आगरा में संजय टाकीज के मैनेजर को फोन करके धमकी दी गई है। उन्हें कहा गया है कि फिल्म दिखाई तो टाकीज को बम से उड़ा देंगे। जिसकी वजह से दहशत का माहौल पैदा हो गया है।
फैसले के बाद करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह कालवी का कहना है कि आज महासती रानी पद्मिनी शर्मिंदा हो रही होगी। हम जनता की अदालत में खड़े हैं। हम पद्मावत का लगातार विरोध करते रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने जनता की भवनाओं पर ध्यान नहीं दिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि ये हमारी याचिकाएं नहीं थीं, सरकारों की थीं, जो खारिज हो गईं। बता दें कि करणी सेना और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।