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Assam: 'टीपू-इपू को समंदर में फेंक दो...', एनसीईआरटी में बदलावों पर बोले असम के सीएम

Sat, 22 Nov 2025 07:47 PM IST
राहुल कुमार अमर उजाला ब्यूरो, गुवाहाटी

सार

NCER पाठ्यपुस्तकों में किए गए कथित बदलावों मुगल सम्राट अकबर के नाम से 'ग्रेट' शब्द हटाने और टीपू सुल्तान से जुड़े संदर्भों को कम करने को लेकर असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को एनसीईआरटी का खुलकर समर्थन किया।
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असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा - फोटो : ANI
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विस्तार
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स्कूली पाठ्यपुस्तकों में किए गए कथित बदलावों मुगल सम्राट अकबर के नाम से 'ग्रेट' शब्द हटाने और टीपू सुल्तान से जुड़े संदर्भों को कम करने को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को एनसीईआरटी का खुलकर समर्थन किया। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने नई किताबें स्वयं नहीं देखी हैं, लेकिन यदि बदलाव किए गए हैं तो यह बेहद स्वागत योग्य कदम है। सरमा ने कहा, बहुत अच्छा किया, अगर उन्होंने ऐसा किया है, तो मेरी ओर से एनसीईआरटी को धन्यवाद।

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'टीपू–इपू को मारो, समंदर में फेंक दो'
सरमा ने टिप्पणी को और आगे बढ़ाते हुए कहा कि विवादित ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को स्कूल शिक्षा में महिमामंडित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, टीपू–इपू को मारो एकदम। जहां भेजना है भेज दो, समंदर में फेंक दो। सरमा लंबे समय से यह दावा करते रहे हैं कि भारतीय स्कूलों में इतिहास “सुधारित दृष्टिकोण” के साथ पढ़ाया जाना चाहिए। वे पहले भी विवादित शासकों और आक्रमणकारियों पर आधारित अध्यायों के पुनर्लेखन की मांग करते रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि एनसीईआरटी ने हाल में किए गए बदलावों को लंबी अवधि की रैशनलाइजेशन’ प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। वहीं, विपक्षी दलों और कई शैक्षणिक समूहों ने इन संशोधनों को राजनीतिक रूप से प्रेरित और इतिहास को चुनिंदा तरीके से पेश करने वाला बताया है। इसके बावजूद सरमा का कहना है कि जिन व्यक्तियों को वे विवादित मानते हैं, उनके महिमामंडन को हटाना छात्रों के सामने इतिहास का अधिक सटीक चित्र प्रस्तुत करने की दिशा में सही कदम है।

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