बिना पंडित जवाहर लाल नेहरू का नाम लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार में सीधे उन्हें केन्द्र में रखकर हमला बोल दिया है। कांग्रेस के गुजरात आईटी सेल के प्रभारी रोहन गुप्ता का कहना है कि भाजपा और प्रधानमंत्री दोनों अपना स्तर नीचें गिरा रहे हैं और इसको देखते हुए अब कांग्रेस भी नई रणनीति पर काम कर रही है।
रोहन गुप्ता का कहना है कि पूरे गुजरात से भाजपा को मिल रही जनता की प्रतिक्रिया ने उसके आत्मविश्वास को हिला दिया है। इसलिए भाजपा अब हर दांव अजमा रही है। पहले पार्टी ने अपने राष्ट्रवाद, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को आधार बनाने की कोशिश की, लेकिन इसके न चल पाने के बाद वह कमर के नीचे वार कर रही है।
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अनिल जोशीआरा का कहना है कि भाजपा गंदी बात कर रही है। उसने फिर कांग्रेस उपाध्यक्ष पर निजी हमले शुरू कर दिए हैं। रोहन के अनुसार भाजपा स्थानीय मुद्दों से भाग रही है। भाजपा अपने कथित राष्ट्रवाद के खिलाफ नोटबंदी, जीएसटी समेत, विकास समेत तमाम खड़े हुए राष्ट्रीय मुद्दे से भाग रही है। इतना ही नहीं गुजरात चुनाव में स्थानीय मुद्दे पर भी भाजपा ने मैदान छोड़ दिया है।
मोदी ने पहले खोला मोर्चा
कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों को पहले से इसका अंदेशा था। अमर उजाला से बातचीत में पार्टी के सूत्रों ने बताया था कि वह गुजरात में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, मोदी के आभा मंडल, भाजपा के राष्ट्रवाद, गुजरात के स्वाभिमान जैसे भाजपा के सभी हथकंडों को केन्द्र में रखकर प्रचार अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।
सूत्रों का कहना था कि उन्हें इसका पूरा अंदेशा था कि इन सभी मुद्दों के सफल न हो पाने की दशा में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी निजी हमले का भी दांव अजमाएंगे, लेकिन वह सोच रहे थे कि यह स्थिति पहले चरण के चुनाव से दो-चार दिन पहले 5 दिसंबर तक आएगी। रोहन गुप्ता का भी कहना है कि प्रधानमंत्री ने काफी पहले ही अपने चुनाव का पूरा एजेंडा खोलकर रख दिया।