राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अकबर से मुलाकात को विदेश नीति के मामलों से जोड़कर बताया जा रहा है। डोभाल, रणनीतिक नीति समूह (एसपीजी, स्ट्रेटजिक पॉलिसी ग्रुप) के चेयरमैन बन चुके हैं। यह पद काफी अहम होता है, लेकिन वह अकबर से मिलने के बाद भाजपा अध्यक्ष से भी मिलने गए थे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी एमजे अकबर प्रकरण को लेकर काफी गंभीर हैं। उन्हें पार्टी की सोशल मीडिया टीम से भी अच्छा फीडबैक नहीं मिल रहा है।
ऐसे में अकबर को विदेश राज्यमंत्री पद से हटाए जाने या उनका इस्तीफा लिए जाने का भरपूर दबाव है। माना यह जा रहा है कि जल्द ही प्रधानमंत्री इस बारे में कोई निर्णय ले सकते हैं। एक चर्चा यह भी है कि अकबर से विदेश राज्यमंत्री का पदभार लेकर उन्हें जांच पूरी होने तक उन्हें बिना बनाए रखा जा सकता है।