पिछले महीने प्रधानमंत्री का कार्.भार संभालने के बाद पहली भारत यात्रा पर आए भूटान के प्रधानमंत्री लोते शेरिंग ने आज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात की। इससे पहले शुक्रवार को उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। कल हुई मुलाकात के दौरान दोनों पड़ोसी देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने से जुड़े अहम मुद्दों पर बातचीत हुई थी।
मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने भूटान की 12वीं पंचवर्षीय योजना के लिए 4,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की शुक्रवार को घोषणा की थी। मोदी ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि उन्होंने भूटान के प्रधानमंत्री को आश्वासन दिया है कि भारत एक विश्वस्त मित्र के तौर पर भूटान के सर्वांगिण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
पीएम ने भारतीय रूपे कार्ड शुरू करने के भूटान के फैसले के लिए शेरिंग का शुक्रिया अदा किया। रूपे कार्ड डेबिट और क्रेडिट कार्ड पेमेंट नेटवर्क है। भूटान के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी यात्रा का मुख्य मकसद भारत-भूटान संबंधों को नई ऊंचाईयों पर ले जाना है। साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें भारत में जीएसटी के क्रियान्वयन से प्रभावित हुए भूटानी कारोबारियों की मदद का भी आश्वासन दिया है।
शेरिंग ने कहा, ‘हम बेहद प्रसन्न हैं कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने निजी तौर पर हमसे प्रतिबद्धता प्रकट की, हमारा समर्थन किया। भारत सरकार ने हमारी 12वीं पंचवर्षीय योजना का पूरा समर्थन किया है। भारत में जीएसटी लागू होने के बाद प्रभावित हुए हमारे कारोबारियों की भी मदद की जाएगी।’ माना जा रहा है कि दोनों नेताओं की बातचीत में सुरक्षा सहयोग पर भी चर्चा हुई।
भूटान रणनीतिक रूप से भारत के लिये अहम पड़ोसी है और दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग भी अच्छा है जो डोकलाम गतिरोध के दौरान नजर आया था। मोदी ने कहा कि भूटान की 12वीं पंचवर्षीय योजना के लिए भारत 4,500 करोड़ रुपये देगा। भूटान की नई पंचवर्षीय योजना इस साल शुरू होगी और 2022 तक चलेगी। मोदी ने कहा कि भूटान के साथ पनबिजली पर सहयोग द्विपक्षीय संबंधों का अहम आयाम है और मांगेदाचू परियोजना पर काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।