कोई नहीं सुन रहा हमारी परेशानी
बस मार्शल के रूप में नौकरी से हटाए गए अशोक पासवान ने अमर उजाला को बताया कि हम लोगों को यही नहीं समझ आ रहा है कि अब वे दिल्ली में रुकें या नहीं। कोई भी नेता-पार्टी उनकी बात सुनने के लिए तैयार नहीं है। बांसुरी स्वराज ने लोकसभा चुनाव के पहले उनसे यह वादा किया था कि सांसद बनने के बाद वे उनकी आवाज उठाएंगी, वे लोग भाजपा के पास भी कई बार नौकरी दिलवाने के लिए जा चुके हैं। लेकिन भाजपा नेताओं का कहना है कि वे लगातार उनकी आवाज उठा रहे हैं। लेकिन सत्ता में न होने के कारण वे उन्हें नौकरी नहीं दे पा रहे हैं। लेकिन भाजपा ने यह वादा अवश्य किया है कि सत्ता में आते ही वे सभी बस मार्शलों को नौकरी देंगे।
अब 10,792 बस मार्शल नई सरकार बनने का इंतजार कर रहे हैं। क्या पता कि नई सरकार के गठन के बाद ही उनकी किस्मत खुले और उनकी रोजी-रोटी फिर उन्हें मिले।
संबंधित वीडियो-