आव्रजन और विदेशी विधेयक, 2025 पर संसद की मुहर लग गई। विपक्ष के विरोध के बीच राज्यसभा ने इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक लोकसभा से पहले ही पास हो चुका है। विधेयक में प्रमुख प्रावधान यह है कि अगर कोई व्यक्ति भारत में प्रवेश करने, देश में रहने या देश से बाहर जाने के लिए जाली पासपोर्ट या वीजा का उपयोग करता पाया गया, तो उसे 7 वर्ष तक की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने इस बात पर जोर दिया कि उन सभी विदेशी नागरिकों से निपटने की जरूरत है, जो राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। विधेयक का विरोध करते हुए कांग्रेस व तृणमूल समेत विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया।
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कांग्रेस-तृणमूल ने दिया अवैध घुसपैठ को बढ़ावा
गृह राज्यमंत्री राय ने प. बंगाल की पूर्ववर्ती कांग्रेस और तृणमूल सरकारों पर अवैध घुसपैठियों को देश में प्रवेश करने में मदद करने, मतदाता सूची और राशन कार्ड में उनके नाम शामिल करके उनके रहने में सुविधा प्रदान करने का आरोप लगाया। राय ने कहा, विश्वविद्यालयों, शिक्षा प्रणाली और अर्थव्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने के लिए विधेयक लाना आवश्यक था। मौजूदा विधेयक इस कानूनी ढांचे को एकीकृत करेगा। विधेयक को संसद की प्रवर समिति के पास भेजे जाने के विपक्ष के सुझाव पर उन्होंने कहा कि यह विधेयक तीन वर्षों के गहन अध्ययन के बाद लाया गया है।