पाकिस्तान के निवर्तमान उच्चायुक्त सोहैल महमूद (फाइल फोटो)
पाकिस्तान ने एक बार फिर उम्मीद जताई है कि भारत में चल रहे लोकसभा चुनावों के बाद दोनों देश एक बार फिर आपसी द्विपक्षीय वार्ता शुरू करेेंगे। पड़ोसी देश की तरफ से यह उम्मीद जताते हुए कहा गया कि दोनों देशों के बीच योजनाबद्ध वार्ताएं ही आपसी चिंताओं को समझने, लंबित विवादों को हल करने और क्षेत्र में टिकाऊ शांति व सुरक्षा का माहौल निर्मित कर पाएंगी।
भारत में निवर्तमान पाकिस्तानी उच्चायुक्त सोहेल महमूद ने रविवार को कहा कि कूटनीति और बातचीत दोनों पड़ोसियों के बीच संबंधों में सुधार के लिए आवश्यक है। महमूद ने कहा, हम भारत में चुनावों के बाद फिर से आपसी सहभागिता के लिए आशान्वित हैं।
बता दें कि दोनों देशों के बीच फरवरी माह में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर आतंकी हमले के बाद तनाव पैदा हो गया था और दोनों देश उस समय युद्ध के कगार पर पहुंच गए थे, जब भारतीय सेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकी प्रशिक्षण शिविर पर एयर स्ट्राइक कर दी थी और अगले दिन पाकिस्तान ने भी जवाबी हमले का प्रयास किया था।
उच्चायुक्त से पाकिस्तान के अगले विदेश सचिव पद पर प्रोन्नत कर दिए गए महमूद ने कहा, भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी चिंताओं को समझने और क्षेत्र में शांति, तरक्की व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वार्ता ही इकलौता विकल्प है। महमूद ने यह भी कहा कि भारत में पाकिस्तान को लेकर बन गई छवि की भी समीक्षा की आवश्यकता है।
हम पूरा करना चाहते हैं करतारपुर कॉरिडोर
पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भी कहा कि इस्लामाबाद अपने हिस्से का ढांचा तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। महमूद ने कहा, पाकिस्तान सरकार इसके लिए सभी प्रक्रियाएं पूरी कर रही है और आशा है कि दोनों देश नवंबर, 2019 से पहले सही समय पर आपसी सहमति से इस कॉरिडोर के संचालन के तौर-तरीके तय कर लेंगे।