कोरोना की वजह से लगाए गए लॉकडाउन में लोग घरों में रहे थे, जिस कारण चोरी-डकैती की शिकायतें काफी कम हो गई थीं। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि जब लॉकडाउन पूरी तरह से खत्म हो जाएगा तो चोरी-डकैती के मामले 65 फीसदी तक बढ़ सकते हैं। गोदरेज लॉक्स ने एक सर्वे कराया, जिसमें इस बात का खुलासा हुआ है।
इस सर्वे में 65 फीसदी पुलिसकर्मियों ने यह अनुमान जताया है। पुलिस का मानना है कि कोविड-19 महामारी के चलते पैदा हुई बेरोजगारी की वजह से चोरी के मामले बढ़ेंगे। पुलिस ने बताया कि छोटी-मोटी चोरी, वाहन चोरी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सेंध जैसे मामले पहले से ही उनके संज्ञान में आ रहे हैं।
इस सर्वे में 71 फीसदी पुलिसकर्मियों ने माना कि लोग घर की सुरक्षा को लेकर तब तक गंभीर नहीं होते, जब तक उनके घर में चोरी या सेंधमारी ना हो जाए। इसके अलावा 64 फीसदी पुलिसकर्मियों ने माना है कि लोग घरों में सुरक्षा को लेकर एहतियात नहीं बरतते हैं, इससे घरों में सेधमारी का खतरा बढ़ जाता है।
वहीं 68 फीसदी पुलिसकर्मियों ने माना कि लोग अपने घर की सुरक्षा को लेकर पड़ोसियों, चौकीदार और घरेलू सहायकों पर निर्भर होते हैं। इस रिपोर्ट के बारे में और जानकारी देते हुए गोदरेज लॉक्स के कार्यकारी वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड श्याम मोटवानी का कहना है कि घरों में चोरी और सेंध के मामलों में 65 फीसदी वृद्धि के अनुमान के साथ इस साल सुरक्षा और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।
गोदरेज लॉक्स की हर घर सुरक्षित रिपोर्ट 2020 को तैयार करने में देश के पुलिसकर्मियों की मदद ली गई। घर की सुरक्षा को लेकर लोगों की सोच को जानने के लिए पुलिस वालों के विचारों पर जोर दिया गया। इसके अलावा अपराध के स्तर पर कोविड-19 के प्रभाव के बारे में भी पुलिसकर्मियों से राय ली गई।