केरल सोना तस्करी मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अब ऐसे ही दो अन्य मामलों की जांच करने वाली है, जिसमें विदेशी आतंकी लिंक होने के संदेह हैं। एनआईए की जांच में सामने आया है कि केरल सोना तस्करी के कुछ आरोपियों के संबंध अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और आतंकियों से हैं।
दरअसल, राजस्थान पुलिस ने तीन जुलाई को 18.5 किलोग्राम सोना जब्त किया। वहीं, 28 अगस्त को नई दिल्ली में राजस्व और खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने अवैध सोने की छड़ों को जब्त किया, जिसका वजन 83 किलोग्राम था। इस मामले से परिचित लोगों ने इसकी जानकारी दी।
एनआईए ने अब इन दोनों ही मामलों को अपने हाथों में ले लिया है। जांच एजेंसी को संदेह है कि इस घटना में बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश हो सकती है, जिसमें आतंकी और सोना तस्कर शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि सोने के जरिए प्राप्त होने वाले धन का प्रयोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में हो सकता है।
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सोने की तस्करी के इन अलग-अलग संगठित मामलों के पीछे जांचकर्ता पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी 'इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस' (आईएसआई) की भूमिका से इनकार नहीं कर रहे हैं। हालांकि, इस मामले से परिचित लोगों ने बताया, जयपुर और नई दिल्ली में सोने को जब्त करने के मामले का केरल के केस से कोई लेना-देना नहीं है।
एनआईए ने पिछले बुधवार को कोच्चि की विशेष अदालत को बताया कि केरल सोना तस्करी मामले में शामिल दो आरोपियों के संबंध भगोड़े अपराधी और डॉन दाऊद इब्राहिम के गिरोह से हैं। इन आरोपियों ने कई बार अफ्रीकी देश तंजानिया का दौरा भी किया है, जहां अंडरवर्ल्ड डॉन का व्यापक नेटवर्क है।
अपनी बात को विस्तृत करते हुए एनआईए ने कहा कि आरोपी नंबर 5 केटी रमीज और आरोपी नंबर 13 एम शराफुद्दीन ने तंजानिया का कई बार दौरा किया और दाऊद के गुर्गे फिरोज 'ओएसिस' से मुलाकात की और देश में हथियारों की तस्करी के तरीकों पर चर्चा की।
यह पहली बार है कि देश में सोने की तस्करी के मामलों में आतंकवादी अधिनियम 'गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम' (यूएपीए) लागू किया गया है। प्रारंभ में, केरल सोने की तस्करी मामले में यूएपीए लागू किया गया था और बाद में जयपुर और नई दिल्ली बरामदगी वाले मामले भी इसके दायरे में आए।