हरियाणा राज्यसभा चुनाव में ‘इंक विवाद’ पर मचे बवाल के बाद चुनाव आयोग ने एक विशेष स्केच पेन का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। आयोग के मुताबिक, भविष्य में राज्यसभा और विधान परिषद के चुनावों के लिए मतदान के बाद अंगुली पर निशान लगाने के लिए अब इसी खास पेन का इस्तेमाल किया जाएगा।
आयोग द्वारा गठित एक कार्यकारी समूह की सिफारिश पर यह फैसला किया गया है। आयोग का गठन हरियाणा राज्यसभा चुनाव में इंक की गड़बड़ी से विवाद उठने के बाद किया गया था ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियां न होने पाएं। भविष्य के चुनावों में एक खास कंपनी द्वारा विशेष रूप से डिजाइन किए बैगनी स्केच पेन से निशान लगाने की व्यवस्था की गई है।
चुनाव आयोग ने बताया, ‘इस तरह का पेन चुनाव के वक्त मतदाता द्वारा बैलेट पेपर पर निर्धारित प्राथमिकताओं का रिकॉर्ड रखने में कारगर होगा। नियुक्त मतदान अधिकारी द्वारा प्रत्येक मतदाता को यह पेन दिया जाएगा और मतदान पूरा होने के बाद उनसे यह वापस ले लिया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में इससे अलग किसी पेन के निशान को मान्य नहीं माना जाएगा।’
उल्लेखनीय है कि हरियाणा में कांग्रेस समर्थित राज्यसभा के निर्दलीय प्रत्याशी आर. के. आनंद को गलत पेन के कारण मीडिया कंपनी के मालिक सुभाष चंद्रा से 12 मतों से पराजय मिली थी। आयोग ने अब यह अनिवार्य कर दिया है कि समरूपता के लिए सिर्फ बैगनी रंग के पेन का ही इस्तेमाल किया जाएगा और मतदान की गोपनीयता बरकरार रखी जाएगी।