सैटेलाइट लॉन्चिंग असफल होने के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) एक बार फिर अपने पुराने रूप में आने की तैयारी कर रहा है। नेविगेशन सैटेलाइट IRNSS-1H की असफल लॉन्चिंग के बाद इसरो इस साल नवंबर या दिसंबर से एक बार फिर नई लॉन्चिंग शुरू करेगा।
अगले मिशन की तैयारी से पहले इसरो यह पिछली लॉन्चिंग की असफलता की वजह निश्चित कर लेना चाहता है। इसके लिए इसरो ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है, जो पीएसएलवी सी39 रॉकेट में आई खामी की जांच करेगी।
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इसरो के चेयरमैन किरण कुमार ने बताया कि हम नवंबर या दिंसबर से लॉन्चिंग शुरू कर देंगे। गौरतलब है कि 31 अगस्त को इसरो ने पहली बार निजी क्षेत्र द्वारा तैयार नेविगेशन सेटेलाइट को आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी सी-39 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया था, लेकिन सेटेलाइट लॉन्च सफल नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि कक्षा में स्थापित होने से पहले ही रॉकेट में कुछ तकनीकी खामी आ गई थी।
इसरो चेयरमैन किरण कुमार ने कहा था कि मीडिया में चल रही खबर गलत है, रॉकेट पर कोई अतिरिक्त वजन नहीं था। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त वजन लॉन्च व्हीकल की हीट शील्ड पर था, जिसे दूसरे स्टेज में मिसाइल से अलग होना था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं और वह मिसाइल के साथ चौथे स्टेज तक पहुंच गया। यह अतिरिक्त वजन के चलते नहीं हुआ।