देश के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने अपने किसी पूर्व जज को अपने यहां पेश होने को कहा है। सर्वोच्च अदालत ने अपने पूर्व जज मार्केंडय काटजू से अपने सामने पेश होकर सनसनीखेज सौम्या रेप केस में सुनाए गए फैसले की बुनियादी खामियां बताने को कहा है। जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस यू यू ललित ने मार्केंडय काटजू को पेश होने का नोटिस जारी करते हुए कहा कि वह सम्मानित व्यक्ति हैं। हम उनसे आग्रह करते हैं कि वह हमारे सामने आएं और फैसले की आलोचना करने वाली फेस्टबुक पोस्ट पर चर्चा करें।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की मदद कर रहे अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा, मेरी समझ में यह पहली बार है जब किसी पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज को किसी फैसले के संबंध में खुद पेश होने को कहा गया है। अपनी फेसबुक पोस्ट में जस्टिस काटजू ने सौम्या रेप कांड पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की थी। काटजू ने कहा था, सर्वोच्च अदालत ने सौम्या रेप केस के आरोपी गोविंदासामी को हत्या का दोषी न करार देकर गंभीर गलती की है। बेंच ने इस मामले में केरल सरकार और सौम्या की मां की ओर से पेश समीक्षा याचिका पर सुनवाई स्थगित कर रखी है। बेंच ने कहा है कि वह जस्टिस काटजू की फेसबुक पोस्ट पर बहस करना चाहती है।
बेंच ने जस्टिस काटजू की इस पोस्ट का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले पर (सौम्या रेप केस) विस्तार से दलीलें पेश की गईं और फैसले से पहले एक निष्कर्ष पर पहुंचा गया। हम नहीं समझते कि अब इस मुकाम पर अब कोई राय जाहिर करना जायज है। फिर भी अगर मुद्दा उठा है और किसी रिटायर्ड जज की ओर से कोई विचार आया है तो इस पर पूरे सम्मान के साथ बात होनी चाहिए।