जम्मू कश्मीर में पिछले 48 घंटों में बहुत तेजी से बदलाव हुए हैं। तीन सालों से चल रही पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और भारतीय जनता पार्टी की गठबंधन की सरकार टूटने के बाद सियासी, प्रशासनिक बदलाव तो हुए ही साथ आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने की भी पुरजोर कोशिश की जा रही है। पिछले 48 घंटों में पहले गठबंधन टूटा, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपने पद से इस्तीफा दिया। राज्यपाल शासन लागू हुआ।
लेकिन अब वहां का बदलता घटनाक्रम बीजेपी की दूरदर्शिता को दिखा रहा है। पहले वहां देश के टॉप कॉप को नक्सल एक्सपर्ट बीवीआर सुब्रमण्यम और चंदन तस्कर को 2004 में मार गिराने वाले विजय कुमार को राज्यपाल का सलाहकार बना कर भेजा गया। वहीं सबसे ताजा घटनाक्रम में घाटी में आतंक पर लगाम लगाने के लिए एनएसजी कमांडों की नियुक्ति कर दी गई है।
देखते हैं पिछले 120 घंटे में क्या क्या हुआ
23 जून
* दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जम्मू पहुंचे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिनता षड्यंत्र करे लेकिन कश्मीर अलग नहीं होगा।
* बीवीआर सुब्रमण्यम को राज्यपाल वोहरा के मुख्य सचिव नियुक्त किए गए और उन्होंने आज कार्यभार संभाल लिया। सुब्रमण्यम को नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति बहाल करने के लिए जाना जाता है।
21 जून
- * जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी (जेकेएनपीपी) के कार्यकर्ताओं ने राज्य विधानसभा को तत्काल प्रभाव से भंग करने की मांग करते हुए आज यहां प्रदर्शन किया जिससे कि ‘‘ सरकार बनाने के लिए खरीद फरोख्त ’’ के किसी भी प्रयास को रोका जा सके।
- * यासीन मलिक हिरासत में, हुर्रियत के अध्यक्ष नजरबंद
- * जेकेएलएफ के प्रमुख यासीन मलिक को आज हिरासत में ले लिया गया जबकि हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नरम धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद कर दिया गया ताकि अलगाववादी विरोध प्रदर्शन की अगुवाई नहीं कर सकें।
- * हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी नजरबंद हैं।
- * अलगाववादियों ने समर्थन वाली हड़ताल से कश्मीर में जनजीवन प्रभावित- पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या के खिलाफ अलगाववादियों द्वारा आहूत हड़ताल से आज कश्मीर घाटी में सामान्य जनजीवन प्रभावित है। श्रीनगर में अधिकतर दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे।