कुलभूषण जाधव मामले में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान ने एलओसी पर भारतीय जवानों को टारगेट करने के लिए स्पेशल कमांडो तैनात किए हैं। पाक के इस कदम से साफ जाहिर हो रहा है कि वो आईसीजे के फैसले से खासा नाराज है और नीचता की किसी भी हद तक जा सकता है।
टाइम्स नाउ की खबर के मुताबिक टॉप आर्मी अफसरों का कहना है कि सीजफायर का उल्लंघन करने वाला पाक लगातार नापाक हरकतों को अंजाम दे रहा है। अफसरों के मुताबिक देखा जाए तो इस साल उसने एलओसी पर अपने कंमाडों की संख्या बढ़ाई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाक सेना ने एलओसी पर पुंछ जिले में बालाकोट से लेकर साब्जियां सेक्टर तक चार दर्जन बैट की तैनाती की है। सुरक्षा एजेंसियों के पास इस बात के इनपुट हैं। बैट हमले की दृष्टि से पुंछ जिले में एलओसी सबसे संवेदनशील माना जाता है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही एलओसी पर बैट की सक्रियता बढ़ाई गई है।
चौंका देने वाली बाती है कि पाक सेना को मौका पाते ही बर्बरतापूर्ण हमले के निर्देश हैं। गत एक मई को भी एलओसी पर कृष्णा घाटी सेक्टर में 200 मीटर भीतर घुसकर बैट ने हमला कर दो जवानों के शव को क्षत-विक्षत कर दिया था।
पाक सेना ने रणनीति बदली, अब हिट एंड रन का फार्मूला
सूत्रों के अनुसार पाक सेना की तरफ से इन हमलों को अब नया नाम ‘हिट एंड रन’ दिया गया है। इसमें बैट को साफ निर्देश है कि वह इस प्रकार के किसी भी हमले को अंजाम देने के बाद तुरंत अपने क्षेत्र में आ जाएं। इससे पूर्व बैट द्वारा किसी क्षेत्र में हमले को अंजाम देने के बाद कई घंटों तक उसी क्षेत्र में छिप कर बैठे रहने को कहा जाता था, ताकि बैट हमले के शिकार जवानों को घटनास्थल से उठाने के लिए आने वाले जवानों पर भी हमले किए जा सकें। अब उन्हें हिट एंड रन एक्शन करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के पास इनपुट हैं कि एलओसी से सटे इलाकों में पाक सेना ने अपनी तैनाती बढ़ाई है। फारवर्ड पोस्ट पर भी तैनाती बढ़ाई गई है। कहा जा रहा है कि भारत की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका पर ही पाक ने अपनी तैनाती बढ़ाई है। इसके साथ ही पीओके में लांचिंग पैड पर आतंकियों को घुसपैठ के लिए बिल्कुल तैयार रखा गया है, जो मौके की तलाश में हैं।
कृष्णा घाटी ही बार-बार निशाने पर
पिछले कुछ साल से बार-बार कृष्णा घाटी को ही निशाने पर रखा जा रहा है। 8 जनवरी 2013 को कृष्णा घाटी सेक्टर में पाकिस्तानी बैट ने भारतीय इलाके में घुसकर दो सैनिकों हेमराज और सुधाकर की हत्या कर दी थी। दोनों के शवों से बर्बरता की और शहीद हेमराज का सिर काटकर ले गए थे। अब चार साल बाद फिर इसी सेक्टर में दो शहीदों के शव के साथ बर्बरता की गई।