कोरोना से जुड़े तमाम पहलुओं पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने अमर उजाला से लंबी बातचीत की। किसी भी मीडिया संस्थान को दिया गया यह उनका पहला साक्षात्कार है। इसमें राष्ट्रपति ने कोरोना काल के सबक और कोराना के बाद दुनिया की बदली हुई प्राथमिकताओं की संभावनाओं पर खुल कर बात की है।
क्यों दुनिया आर्थिक वैश्वीकरण के बजाए स्वास्थ्य वैश्वीकरण की बात सोचेगी, कैसे भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था कोरोना से जूझने में विशेष सहायक साबित हो रही है, क्यों कोरोना के नाम पर सांप्रदायिकता फैलाने की कोशिश नाकाम हुई, किन वजहों से इस बार भौतिक विकास की एकांगी दौड़ से आगे जाकर सोचने को विवश होगी दुनिया, विकास का इंडिया मॉडल क्यों सराहा जा रहा है और क्यों एकबार फिर गांधी के स्वावलंबी गांव की राह पर चले नानाजी देशमुख के चित्रकूट प्रयोग की याद आ रही है राष्ट्रपति को। ऐसे तमाम सवालों के जवाब पढ़िए कल के अमर उजाला अखबार में और पूरा विस्तृत इंटरव्यू पाइए शनिवार सुबह
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