आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान द्वारा संसद भवन की सुरक्षा को धता बताए जाने के बाद इसे एक बार फिर से चाक चौबंद बनाया जा रहा है। कुछ इस तरह कि भवन परिसर में प्रवेश करने वाला हर परिंदा इजाजत लेकर आए-जाए। माननीयों के वाहन भी अब कंपलीट स्क्रीनिंग के बाद ही परिसर में प्रवेश कर सकेंगे। इसके लिए बाकायदा संसद भवन के भीतर जाने वाले हर रास्ते पर अंडरग्राऊंड स्कैनर और सेंसर लगाए जा रहे हैं। ताकि गुजरने वाले हर वाहन की पूरी पड़ताल की जा सके।
सूत्र बताते हैं कि उड़ी में आतंकी हमला और सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सुरक्षा के कुछ और मानक इसमें जोड़े गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की प्रक्रिया चल रही है। संसद भवन के चारों तरफ करीब तीन किमी का क्षेत्र नो फ्लाई जोन में आता है। आसमान में इस क्षेत्र की निगरानी के लिए नई पहल की जा रही है।
इसके लिए आधुनिक तकनीक पर आधारित इलेक्ट्रानिक उपकरणों को इंस्टाल किया जा रहा है। विदेशों से आयात उपकरणों के जरिए चप्पे-चप्पे पर निगाह रखने का खाका तैयार हो रहा है। आर्मर वाहन तथा विशेष कमांडो दस्ते की संख्या भी बढ़ाई जा रही है और सुरक्षा में तैनात कर्मियों को नये सिरे से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि संसदीय सुरक्षा में सेंध लगने की संभावना को खत्म किया जा सके।