कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से पूरी दुनिया में फेस मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरणों की आपूर्ति लगातार कम हो रही है और इससे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अडेहनॉम गेब्रीयेसस ने कहा है कि पीड़ितों की देखभाल करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 8.9 करोड़ मास्क, 16 लाख रंगीन चश्मा और 7.6 करोड़ जोड़े ग्लव्स की जरूरत है।
गेब्रीयेसस ने कहा है कि संक्त्रस्मण के कारण इन चीजों की मांग बढ़ रही है, लेकिन उत्पादन तेजी से कम हो रहा है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन में 40 प्रतिशत इजाफे की जरूरत है।
कीमतें भी कई गुना बढ़ीं
फेस मास्क और सुरक्षा उपकरणों की कम होती मांग के बीच इसकी जमाखोरी भी शुरू हो गई है। घबराए लोग इन चीजों को अपने घरों में जमा कर रहे हैं, जिससे इनकी कीमतें भी कई गुना बढ़ गई हैं। फेस मास्क की कीमत छह गुना तो गाउन की कीमत में दोगुनी वृद्धि हुई है। वहीं, एन95 मास्क की कीमतें भी तीन गुना तक बढ़ गई हैं।
आम लोगों से अपील
गेब्रीयेसस ने आम लोगों से फेस मास्क की जमाखोरी नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि अधिकांश लोगों के लिए मास्क की जरूरत नहीं होती। गेब्रीयेसस ने अलग-अलग देशों की सरकारों से भी सुरक्षा उपकरणों का उत्पादन बढ़ाने की अपील की है। इधर, अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स अजार ने कहा है कि केवल उनके देश में ही स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 30 करोड़ मास्क की जरूरत होगी।
फ्लू से ज्यादा खतरनाक, लेकिन कम संक्त्रसमक
कोरोनावायरस और फ्लू की तुलना करते हुए गेब्रीयेसस ने कहा कि कोविद-19 ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि इसके शिकार हुए 3 प्रतिशत से ज्यादा लोगों की जान चली गई। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि फ्लू के मुकाबले कोरोना वायरस का संक्त्रस्मण धीरे फैलता है। इसी तरह, फ्लू की रोकथाम करना संभव नहीं है, लेकिन कोविद-19 पर रोक लगाने की कोशिशें की जा रही हैं।
कोरोनावायरस :
- 47 देशों में मास्क और सेनिटाइजर आदि की मांग कई गुना बढ़ी
- 2.3 मिलियन एन95 मास्क, 30 मिलियन गाउन, 1.59 मिलियन चश्मे, 76 मिलियन ग्लव्स और 2.9 मिलियन लीटर सेनिटाइजर की मांग
- 89 मिलियन मास्क की मांग है दुनियाभर में हर महीने
- 40 फीसदी मास्क आदि का निर्माण बढ़ाने की सलाह दी डब्ल्यूएचओ ने
दुनिया के सभी आबादी वाले महाद्वीपों तक पहुुंच चुका कोरोनावायरस तेजी से पांव पसार रहा है। दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में अभी तक ब्राजील में ही मामले सामने आए थे। अब पहली बार अर्जेंटीना और चिली में भी इसके संक्रमित मिले हैं। अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में इटली की यात्रा से लौटे 43 साल के व्यक्ति में कोरोना का वायरस मिला है।
पूर्व एशिया से चिली लौटे एक व्यक्ति में कोरोना होने की पुष्टि हो गई है। इन तीनों देशों के अलावा मैक्सिको, इक्वोडोर और डोमनिकन गणराज्य में भी इस वायरस से पीड़ित लोग मिले हैं।
- ईरान ने जेलों में बंद 54 हजार से अधिक कैदियों को अस्थाई तौर पर रिहा किया जाएगा।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा, दुनियाभर में हो सकती है चिकित्सा उपकरणों की कमी।
- गूगल ने साल भर का सबसे बड़ा आयोजन रद्द किया।
- इराक में भी कोरोना से पहली मौत का मामला सामने आया