यह पहली बार नहीं है जब डॉक्टरों की लापरवाही की कीमत मरीज को जान गंवाकर चुकानी पड़ी हो। डॉक्टर की एक भी गलती मरीजों के लिए जानलेवा हो सकती है यह बात उन्हें पांच सालों की पढ़ाई के दौरान बार-बार बताई जाती है। पिछले साल भगवान का रूप माने जाने वाले डॉक्टरों ने एक ऐसी गलती कर दी जिससे 25 वर्षीय महिला की जान चली गई।
हैदराबाद में सिजेरियन डिलीवरी के बाद डॉक्टरों ने महिला के पेट में ‘रूई का बंडल’ छोड़ दिया था। तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। रंगारेड्डी जिले में जी हरिता नाम की महिला को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 5 अक्तूबर, 2017 को सिजेरियन डिलीवरी से उसे एक बेटा हुआ था। हरिता के भाई पी रवी ने बताया कि सर्जरी के बाद से हरिता को पेट दर्द की शिकायत होने लगी। वह जो भी खातीं उन्हें उल्टियां हो जातीं। पेट दर्द के चलते वह आराम भी नहीं कर पाती थीं।
उसी निजी अस्पताल में हरिता को दिखाया गया तो वे लापरवाही करते रहे। इसके बाद 27 अप्रैल को ओसमानिया अस्पताल के डॉक्टरों ने हरिता की स्कैनिंग की तो उन्हें निजी अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही का पता चला। 21 मई को सर्जरी की गई तो पेट से रूई का बंडल मिला। रूई का बंडल निकाले जाने के बाद भी हरिता की हालत लगातार बिगड़ती गई और उनकी मौत हो गई। एसआई विजय कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर निजी अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है।