बुधवार रात आतंकियों ने बांदीपोरा के हाजिन में बीएसएफ के जवान रमीज अहमद की घर में घुसकर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। आतंकियों के इस हमले में रमीज के 3 परिजन भी घायल हुए हैं। आतंकियों ने ये नापाक हरकत उरी हमले की बरसी की पूर्व संध्या पर की। इस घटना को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
स्वामी ने कहा है कि इस मामले पर रोने का कोई मतलब नहीं है। पहले हमने जहां पाकिस्तान को दो टुकड़ों में तोड़ा था अब वक्त है कि हम उसे 4 टुकड़ों में तोड़ दें।
No use of just crying over it. Earlier we broke Pakistan into two, now time to break them into four: Subramanian Swamy,BJP on #RamzanParray pic.twitter.com/IgbShaPAMP
— ANI (@ANI) September 28, 2017
जवान की हत्या के बाद सुरक्षाबलों ने अलर्ट जारी कर आतंकियों की तलाश तेज कर दी। बांदीपोरा के एसएसपी ने घटना की पुष्टि की और बताया कि वारदात को अंजाम देने वाले करीब 3-4 आतंकी थे। हमले में लश्कर के आतंकियों के शामिल होने की सूचना है। एसएसपी शेख जुल्फिकार के अनुसार, जवान उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में तैनात था और अवकाश पर घर आया था।
आतंकियों ने जवान को घर से बाहर निकालने की कोशिश की। परिवार वालों के विरोध के बाद आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। जवान के पिता गुलाम अहमद पारा और भाई जावेद अहमद गंभीर रूप से घायल हैं। जवान की माता भी घायल हैं। घायलों को इलाज के लिए श्रीनगर रेफर कर दिया गया है।
ये हमला आतंकियों ने ठीक उस वक्त किया जब सेनाअध्यक्ष बिपिन रावत ने धमकी दी थी कि अगर घुसपैठ हुई तो इसका अंजाम ठीक नहीं होगा। जनरल रावत ने कहा कि सीमा पार से आतंकी आते रहेंगे क्योंकि नियंत्रण रेखा से सटे आतंकवादी शिविर अब भी चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम भी आतंकियों का ‘स्वागत’ करते रहेंगे और उन्हें जमीन के ढाई फीट नीचे पहुंचाते रहेंगे।
मई में लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की आतंकियों ने की थी निर्मम हत्या
इससे पहले आतंकियों ने 10 मई को शोपियां में लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की उस समय हत्या कर दी थी, जब वे अवकाश पर घर आए थे। लेफ्टिनेंट उमर को एक शादी समारोह से अगवा कर लिया गया था। पाकिस्तान की ओर से भेजे गए आतंकियों ने उन्हें बुरी तरह यातनाएं दीं और फिर उनकी हत्या कर दी थी। उमर का बुरी तरह क्षत-विक्षत शव घर से करीब तीन किलोमीटर दूर पड़ा मिला था। उमर दो राजपूताना राइफल में तैनात थे।