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Manipur: बीरेन सिंह की माफी पर कांग्रेस ने पीएम मोदी पर बोला हमला, कहा-PM मणिपुर जाकर माफी क्यों नहीं मांगते?

Tue, 31 Dec 2024 05:50 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के माफी मांगने के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साझा। पार्टी ने पूछा कि पीएम मोदी पूरे देश और दुनिया की यात्रा करते रहते हैं, लेकिन वहां जाकर माफी क्यों नहीं मांग सकते हैं। 
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जयराम रमेश - फोटो : ANI
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विस्तार
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मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह मंगलवार को राज्य में जातीय संघर्ष के लिए माफी मांगी। उनके माफी मांगने के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साझा। पार्टी नेता जयराम रमेश ने पूछा कि पीएम मोदी पूरे देश और दुनिया की यात्रा करते रहते हैं, लेकिन वहां जाकर माफी क्यों नहीं मांग सकते हैं।
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जयराम रमेश ने पीएम मोदी को घेरा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री पर मणिपुर के लोगों को नजरअंदाज करने और जानबूझ कर मणिपुर का दौरा टालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, पीएम मोदी मणिपुर जाकर यह (माफी मांगने की बात) क्यों नहीं कह सकते? उन्होंने चार मई 2023 से जानबूझ कर राज्य का दौरा करने से परहेज किया है। भले ही वह देश और दुनिया भर में यात्रा कर रहे हैं। पीएम मोदी द्वारा नजरअंदाज करना मणिपुर के लोगों को समझ नहीं आ रहा। 

बीरेन सिंह ने मांगी माफी
जयराम रमेश ने यह बयान मणिपुर में जारी जातीय हिंसा को लेकर सीएम बीरेन सिंह के माफी मांगने के बाद दिया। मणिपुर में पिछले साल मई से जातीय हिंसा चल रही है, जिसमें अब तक 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। नवंबर में मणिपुर के जिरीबाम में तीन महिलाओं और उनके तीन बच्चों की हत्या के बाद भी बवाल हुआ। माफी मांगते हुए बीरेन सिंह ने कहा, यह पूरा साल बेहद खराब रहा। मैं राज्य के लोगों से पिछले साल तीन मई से लेकर आज तक जो कुछ भी हुआ है, उसके लिए माफी मांगता हूं। कई लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। कई लोगों ने अपना घर छोड़ दिया। मुझे इसका दुख है। पिछले तीन-चार महीनों में शांति की स्थिति देखकर मुझे उम्मीद है कि 2025 में राज्य में सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी।
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क्या है मामला?
बता दें कि मणिपुर में मैतेई समुदाय और कुकी समुदाय के बीच हिंसा पिछले साल तीन मई को उस समय शुरू हुई थी जब मणिपुर उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ आदिवासी छात्रों संघ (ATSUM) ने एक रैली आयोजित की थी, जिसमें मणिपुरी समुदाय को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने पर विचार करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद से राज्य में हिंसा का सिलसिला जारी है, और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए केंद्र सरकार को अर्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा।
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