केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन (फाइल फोटो)
केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि लोगों के खानपान में दखलंदाजी करने या संबंधित व्यापार को प्रभावित करने की सरकार की कोई मंशा नहीं है। सरकार द्वारा देश में कत्ल करने के लिए मवेशियों की खरीद फरोख्त को बंद किये जाने वाले नोटिफिकेशन जारी करने करे बाद से देश भर में उपजे विवाद के मद्देनजर केंद्रीय मंत्री का बयान आया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद रूल ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इसके बाद इस पर विचार के लिए एक महीने का समय तय किया गया है जिससे जनता इस पर अपने सुझाव दे सके।
मंत्री ने आगे कहा कि इस बाबत हमें कुछ सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें नियमों में शामिल किया जाएगा। सरकार ने जो नियम बनाए हैं उनका मकसद किसी भी तरह से लोगों के खानपान में दखल देना नहीं है। ना ही हम इससे संबंधित व्यापार में किसी तरह की परेशानियां पैदा करना चाहते हैं। अब ये मामला फिर सुप्रीम कोर्ट में है।
गौरतलब है कि मोदी सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन का देश के कई हिस्सों में विरोध हुआ था। तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में तो हिंसक प्रदर्शन भी हुए थे। बता दें कि मद्रास हाईकोर्ट ने 30 मई को चार हफ्तों के लिए इस नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी थी।