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53 साल बाद चुनाव से पहले ईवीएम बनाने वाली कंपनी को मिलेगा इतना फायदा

Tue, 29 Jan 2019 08:09 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ईवीएम - फोटो : ANI
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विपक्षी पार्टियां आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान बेशक बैलेट पेपर के जमाने में लौटने की बात कर रही हैं लेकिन चुनाव आयोग यह साफ कर चुका है कि वह उस युग में वापस नहीं जाएगा। चुनावों से पहले ईवीएम बनाने वाली कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) अपने 53 सालों के इतिहास में सबसे ज्यादा राजस्व कमाने का रिकॉर्ड बनाने के लिए तैयार है।

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सूत्रों ने बताया कि नए ईवीएम और वीवीपैट के ऑर्डर के अलावा पुरानी ईवीएम के पूरे लॉट को एम3 वर्जन से बदल दिया जाएगा। जिससे कि ईसीआईएल को राजस्व मिलेगा। 2017-18 के दौरान ईसीआईएल का लगभग टर्नओवर 1,275 करोड़ रुपये था। वित्तीय वर्ष 2018-19 में भारतीय चुनाव आयोग 1,800 करोड़ ईवीएम और वीवीपैट का ऑर्डर देगी। जिससे कि ईसीआईएल के टर्नओवर में 2,400 करोड़ रुपये की बढ़त होगी।

ईसीआईएल सेना के लिए इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज, लीगेसी मिलिट्री रेडियोस, जैमर्स और परमाणु पावर प्लांट के लिए पैसिव ऑटोकैटेलिक रिकंबाइनर डिवाइस का निर्माण करती है। ईसीआईएल की 2017-18 की सालाना रिपोर्ट का कहना है कि उसने परमाणु ऊर्जा विभाग के साथ साल 2018-19 के लिए एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं जिससे कि उसका टर्नओवर बढ़कर 1,800 करोड़ रुपये हो जाएगा।
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ईसीआईएल के एक अधिकारी ने कहा, '2019 में होने वाले आम चुनाव और विधानसभा चुनावों को लेकर ईवीएम और वीवीपैट के बल्क ऑर्डर मिले हैं। इस साल हमारा टर्नओवर 2,600 करोड़ रुपये को छू लेगा। पुरानी मशीनों को नए वर्जन से बदला जा रहा है जिससेस कि राजस्व भी बढ़ेगा।' बंगलुरू स्थित भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) भी ईवीएम और वीवीपैट बनाती है। हाल ही में बीईएल की बनाई हुई ईवीएम का इस्तेमाल तेलंगाना विधानसभा चुनाव में किया गया था।

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