इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) के बाद देशभर की अन्य चौदह स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में भी अब चार सालों के बाद रेगुलर मोड से एमफिल और पीएचडी की पढ़ाई इसी सत्र से शुरू होगी। हालांकि इन प्रोग्राम में तकनीकी शिक्षा से संबंधित विषयों को शामिल नहीं किया गया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के दखल से इग्नू के बाद अन्य चौदह ओपन यूनिवर्सिटी को भी यूजीसी ने पढ़ाई करवाने की मंजूरी दे दी है। इन सभी पंद्रह ओपन यूनिवर्सिटी में यूजीसी जून 2016 अधिसूचना के नियमों के तहत रेगुलर मोड से एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम में पढ़ाई होगी।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय में मंगलवार को इग्नू समेत अन्य चौदह ओपन यूनिवर्सिटी के कुलपतियों के साथ मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर के साथ बैठक हुई। इस बैठक में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री महेंद्रनाथ पांडे, यूजीसी चेयरमैन डॉ. वेदप्रकाश समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में पीएचडी शुरू करने समेत टीचर ट्रेनिंग पर चर्चा हुई।
इस मौके पर जावडेकर ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से ओपन यूनिवर्सिटी में किस प्रकार से पढ़ाई करवायी जा रही है, पर विस्तार से जानकारी भी ली। जावडेकर ने विश्वविद्यालयों को उच्च शिक्षा में गुणवता में सुधार की भी अपील की। बता दें कि वर्ष 2009 के यूजीसी अधिसूचना में ओपन यूनिवर्सिटी से दूरस्थ शिक्षा माध्यम से एमफिल व पीएचडी की पढ़ाई करवाने पर रोक लगा दी थी। हालांकि इसमें ओपन यूनिवर्सिटी में रेगुलर मोड में पीएचडी की मनाही नहीं थी। लेकिन नियम स्पष्ट न होने के चलते वर्ष 2012 से इन सभी विश्वविद्यालयों में रेगुलर मोड से पीएचडी व एमफिल भी बंद कर दी गयी थी।
इसमें इग्नू, उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय यूपी, उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी उत्तराखंड, नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी, कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी, वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी कोटा, डॉ. बाबा साहिब अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी, डॉ. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी तेलंगाना, नेताजी सुभाष चंद्र यूनिवर्सिटी कोलकात्ता, डॉ. भीमराम अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी गुजरात, उड़ीसा ओपन यूनिवर्सिटी संभलपुर, एमपी भोज ओपन यूनिवर्सिटी भोपाल, तमिलनाडू ओपन यूनिवर्सिटी आदि शामिल हैं।