केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि है जम्मू-कश्मीर, असम और नगालैंड में हालात सुधरने पर वहां सुरक्षा बलों को विशेष शक्तियां देने वाला कानून अफ्स्पा (आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट) खत्म किया जा सकता है। इस एक्ट में सुरक्षा बलों को बिना नोटिस किसी को भी गिरफ्तार करने के साथ सघन तालाशी अभियान चलाने का अधिकार दिया गया है।
उन्होंने कहा कि बीते चार सालों में पूर्वोत्तर राज्यों में शांति कायम हुई है। इसके चलते कई मेघालय, अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों से इसे हटाया जा चुका है जबकि जम्मू-कश्मीर, नगालैंड, असम और अरुणाचल के तीन जिलों में इसे हटाया नहीं गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में शांति बहाली के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है।
जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक परिणाम निकलेंगे। बता दें कि तीन अगस्त 2015 को एनएससीएन के महासचिव और सरकार के वार्ताकार के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में समझौता हुआ था। यह समझौता 18 सालों में अस्सी से ज्यादा बैठकों के बाद हुआ। बैठकों की शुरुआत 1997 में हुई थी।