Afghan security personnel in Kabul
पश्चिमी अफगानिस्तान में तालिबान ने पुलिस के एक काफिले पर सोमवार को घात लगाकर हमला किया, जिसमें 20 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
वहीं काबुल में रहने वाले अल्पसंख्यक शिया समुदाय के लोग स्थानीय मिलीशिया कमांडर की गिरफ्तारी के विरोध में पिछले दो दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रांतीय परिषद के एक सदस्य दादुल्लाह कानेह के मुताबिक, पश्चिमी फराह प्रांत में रविवार की दोपहर तालिबान का हमला हुआ। इसमें प्रांत के पुलिस उप प्रमुख समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। हमला लश वा जुवायन जिले के नजदीक हुआ।
परिषद के अन्य सदस्य अब्दुल समद सलेही ने बताया कि पुलिस का काफिला जिले के नव नियुक्त पुलिस प्रमुख का परिचय कराने जा रहा था तभी यह हमला हुआ। कानेह ने बताया कि इस हमले में नव नियुक्त प्रमुख की भी मौत हो गई।
तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
इस बीच, काबुल के पश्चिम में शिया प्रदर्शनकारियों ने कुछ सड़कें विरोध प्रदर्शन के दौरान जाम कर दीं। यह विरोध प्रदर्शन पश्चिमी गोर प्रांत में शिया मिलीशिया का नेतृत्व करने वाले अलीपूर की गिरफ्तारी के विरोध में किया जा रहा है।
फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि अलीपूर पर क्या आरोप लगाए गए हैं लेकिन प्रशासन के सहयोगी समझे जाने वाले मिलीशियाओं पर अक्सर जबरन धन वसूली और माफिया जैसा आचरण करने के आरोप लगते हैं।