‘अफगान गर्ल’ के नाम से मशहूर शरबत गुला जल्द ही इलाज के लिए भारत आएंगी। संघर्षरत शरणार्थियों की प्रतिष्ठित चेहरा गुल को कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान से निर्वासित कर दिया गया था। 1984 में नेशनल ज्योग्राफिक मैगजीन में उसकी तस्वीर छपने के बाद गुल दुनिया भर में मशहूर हो गईं। पाकिस्तान सरकार ने हाल ही हरी आंखों वाली शरबत गुला को नकली पहचान पत्र रखने के आरोप में हिरासत में ले लिया था।
विश्व पटल पर आलोचना के बाद पाक अधिकारियों ने गुल को बीमार हालत में अफगानिस्तान को सौंप दिया। भारत सरकार ने 40 वर्षीय गुला को मुफ्त इलाज देने का प्रस्ताव दिया है। इसके बाद अफगान राजदूत ने इसके लिए भारत का आभार व्यक्त किया है।
अफगान राजदूत शाइदा अब्दाली ने ट्वीट कर कहा कि प्रतिष्ठित अफगान गर्ल शरबत गुला को मुफ्त इलाज के लिए जल्द भारत भेजा जाएगा। इसके लिए भारत को धन्यवाद, जो एक सच्चा दोस्त है। शरबत गुला ‘हेपेटाइटिस सी’ की बीमारी से पीड़ित हैं और इसके अलावा उन्हें स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं भी हैं। गुला किशोरावस्था में ही अफगानिस्तान छोड़ पाकिस्तान में रह रहीं थीं लेकिन नकली पहचान पत्र रखने के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। तीन बच्चों की मां गुला का इलाज बंगलूरू में किया जाएगा। बीमार हालत में गुल को अफगानिस्तान भेजने पर पाकिस्तान की दुनिया भर में आलोचना हो रही है।
बता दें कि पाकिस्तान में 1984 में एक शरणार्थी शिविर में रहने के दौरान खींची गई शरबत गुला की दिल को झकझोर देने वाली तस्वीर को नेशनल ज्योग्राफिक ने अपने आवरण पृष्ठ पर छापा था। हरी आंखों वाली यह चर्चित अफगान गर्ल, तब दुनिया भर में युद्ध की प्रतीक बन गईं हैं। युद्ध संबंधी फोटो लेने वाले फोटोग्राफर स्टीव मैककरी ने शरबत गुला की यह चर्चित तस्वीर खींची थी।