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Aero India 2025: एयरो इंडिया की शानदार शुरुआत, चीफ एयर मार्शल के साथ सेना प्रमुख ने भी तेजस से भरी उड़ान

Sun, 09 Feb 2025 05:07 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

आज से एयरोस्पेस कार्यक्रम एयरोस्पेस कार्यक्रम की शुरुआत हुई। एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह और थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने तेजस से उड़ान भरकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर जनरल द्विवेदी ने अपना अनुभव साझा करते हुए इसे अपने जीवन का सबसे अच्छा पल बताया।
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एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह और आर्मी चीफ द्विवेदी ने तेजस में उड़ान भरी - फोटो : PTI
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विस्तार
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एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह और थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने रविवार को येलहंका वायुसेना स्टेशन पर लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस में उड़ान भरकर एयरो इंडिया-2025 की शुरुआत की। बता दें कि यह एक बड़ा एयरोस्पेस कार्यक्रम है, जो सोमवार से 14 फरवरी तक चलेगा।
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हवा में जब एयर चीफ मार्शल और सेना प्रमुख तेजस विमान में उड़ान भर रहे थे, तब सभी लोगों की नजरें आसमान की ओर लगी थीं। सफल उड़ान के बाद, जनरल द्विवेदी ने इसे अपने जीवन का सबसे बेहतरीन अनुभव बताया। सेना प्रमुख इतने खुश हुए कि उन्होंने एयर चीफ मार्शल को अपना गुरु मानते हुए कहा कि उन्हें अफसोस है कि उन्होंने भारतीय वायुसेना को क्यों नहीं चुना।

जनरल द्विवेदी ने बताया सबसे अच्छा पल
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उड़ान के बाद पत्रकारों से बताया कि यह उनका जीवन का सबसे अच्छा पल था। उन्होंने बताया कि एयर चीफ मार्शल एपी सिंह उनके साथी हैं और वे दोनों राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में एक साथ पढ़े थे। जनरल द्विवेदी ने कहा कि काश एयर चीफ मार्शल उनसे पहले मिलते, तो वह वायुसेना में शामिल हो जाते। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह वायुसेना में होते, तो लड़ाकू पायलट बनते। 
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चीफ मार्शल एपी सिंह को बताया गुरु
जनरल द्विवेदी ने कहा कि आज से एयर चीफ मार्शल एपी सिंह उनके गुरु हैं, क्योंकि उन्होंने उन्हें कई तरह की भूमिकाएं और गतिविधियां आसमान में करने के लिए प्रेरित किया। जनरल द्विवेदी ने इस उड़ान का आनंद लिया। उन्होंने बताया कि इसमें काफी चुनौतियां थीं। उन्होंने वायुसेना के पायलटों द्वारा उठाए जाने वाली चुनौतियों की सराहना की और कहा कि इसके लिए बेहतरीन तालमेल की जरूरत होती है। 

रश्रा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताई खुशी
कर्नाटका के बेंगलुरु में एयरोइंडिया 2025 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बेंगलुरु और पूरा कर्नाटका राज्य लंबे समय से परिवर्तनकारी नेताओं और नवाचार के केंद्र के रूप में जाना जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि आज भारत का एयरोस्पेस उद्योग तेजी से विकास कर रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र, विशेषकर एयरोस्पेस क्षेत्र, को नए उत्साह के साथ आगे बढ़ाया गया है।

साथ ही सिंह ने कहा कि अब भारत प्रमुख रक्षा उपकरणों और प्लेटफार्मों को डिज़ाइन और विकसित करने में सक्षम है, साथ ही एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला भी स्थापित की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में एक मजबूत निजी रक्षा उद्योग विकसित हुआ है जो राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि एयरोइंडिया 2025 में 900 से अधिक प्रदर्शकों की भागीदारी है, जिसमें 150 विदेशी प्रदर्शक और 90 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह आयोजन भारत की बढ़ती एयरोस्पेस और रक्षा क्षमताओं पर वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।

एलसीए तेजस पर एक नजर
एलसीए तेजस भारतीय वायुसेना और नौसेना के लिए एक भारतीय लड़ाकू विमान है, जिसे एडीए (एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी) द्वारा डिजाइन किया गया है और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा निर्मित किया गया है।

क्या है एएमसी एयरक्राफ्ट 
एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) एक अत्याधुनिक 5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह एक मध्यम भार श्रेणी का विमान है, जिसका कुल वजन लगभग 25 टन है और यह मल्टी-रोल (अनेक कार्य करने में सक्षम) ट्विन इंजन वाला है। इसे भारतीय एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने विकसित किया है।

एएमसीए की खासियत
एएमसीए की खासियत यह है कि यह स्टील्थ तकनीक से लैस है, यानी यह दुश्मन के रडार से कम पकड़ा जाएगा। इसमें कई उन्नत तकनीकें हैं, जैसे कि AI-संचालित इलेक्ट्रॉनिक पायलट, जो पायलट को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है। इसके अलावा, इसमें स्वचालित लक्ष्य पहचान, खराब दृश्यता में नेविगेशन के लिए संयुक्त विजन सिस्टम और मल्टी-सेंसर डेटा फ्यूज़न जैसी उन्नत तकनीकें शामिल हैं।

 गौरतलब है कि यह विमान न केवल युद्ध के मैदान में प्रभावी रहेगा, बल्कि यह मानवयुक्त और मानवरहित विमानों के साथ मिलकर काम करने के लिए भी तैयार होगा। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय वायुसेना को आधुनिक और सक्षम लड़ाकू विमान प्रदान करना है, जो भविष्य की सैन्य जरूरतों के अनुसार कार्य कर सके।

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