दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। दिशा के पिता सतीश सालियान के वकील नीलेश ओझा ने बुधवार को बताया कि भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी समीर वानखेड़े इस मामले के चार गवाहों में शामिल हैं। यह खुलासा बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की तरफ से दर्ज की गई एफआईआर के कुछ दिनों बाद हुआ है।
एक समाचार एजेंसी से बातचीत में वकील नीलेश ओझा ने कहा कि वह अभी सभी गवाहों के नामों का खुलासा नहीं कर सकते, लेकिन समीर वानखेड़े शुरुआत से ही उनके गवाह रहे हैं, हालांकि इसे पहले उजागर नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि अपनी रिट याचिका संख्या 1612 में उन्होंने वानखेड़े को प्रतिवादी नंबर 9 बनाया है।
ओझा ने दावा किया कि उन्हें एक परिचित अधिकारी के जरिए जानकारी मिली है कि इस केस से जुड़ी जांच के दौरान समीर वानखेड़े के हाथ कुछ बेहद अहम डेटा लगा था। इसमें विशेष रूप से आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया और अन्य लोगों के मोबाइल टावर लोकेशन का डेटा शामिल है, जो दिशा सालियान से जुड़े घटना स्थल पर उनकी मौजूदगी की पुष्टि करता है।
समीर वानखेड़े का नाम पहले भी विवादों से जुड़ा रहा है। उन्होंने दो अक्टूबर 2021 को कॉर्डेलिया क्रूज जहाज पर तलाशी और जब्ती अभियान की अगुवाई की थी। उस दौरान सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान समेत 19 अन्य लोगों को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया था।
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वकील ओझा ने एक दिन पहले यह दावा भी किया था कि उनकी कानूनी टीम सीबीआई को जो सबूत सौंपने जा रही है, वे एफआईआर में शामिल लोगों के लिए 'ताबूत में आखिरी कील' की तरह साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इन सबूतों में दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ा संदर्भ भी मौजूद है।
इसके साथ ही वकील ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद उनका 80 प्रतिशत काम पहले ही हो चुका है। हाई कोर्ट के आदेश में ही ऐसे 10 बिंदुओं का जिक्र है जो पुलिस की रिपोर्ट को गलत साबित करते हैं। इससे यह साफ जाहिर होता है कि यह आत्महत्या का नहीं, बल्कि किसी गंभीर साजिश का मामला है।