केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी को लोकपाल की नियुक्ति वाली चयन समिति में बतौर नामचीन विधिवेता नियुक्त किया गया है। मालूम हो कि वरिष्ठ वकील पीपी राव केनिधन केबाद से यह पद रिक्त था।
अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने न्यायूर्ति रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली पीठ को जानकारी दी कि गत 11 मई को मुकुल रोहतगी को नामचीन विधिवेता के तौर पर नियुक्त करने का निर्णय ले लिया गया है। मालूम हो कि मुकुल रोहतगी को मोदी सरकार ने अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया था लेकिन गत वर्ष जून महीने रोहतगी ने पद से त्यागपत्र दे दिया था।
गौरतलब है कि लोकपाल की चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, विपक्ष केनेता, भारत के प्रधान न्यायाधीश या नामित सुप्रीम कोर्ट केजज और एक नामचीन हस्ती केहोने का प्रावधान है। सनद रहे कि वरिष्ठ वकील पीपी राव केनिधन केबाद यह नामचीन हस्ती का पद खाली हो गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने कॉमन काउज नामक संगठन द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया है कि गत वर्ष सुप्रीम कोर्ट के आदेश केबावजूद अब तक लोकपाल की नियुक्ति नहीं हो सकी है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस मामले में सरकार का रवैया टालमटोल वाला है।