असम सरकार के एडवोकेट जनरल चिन्मय चौधरी ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा उनके काम में बाधा डालने और कुछ लोगों के बाहरी हस्तक्षेप के कारण दिया है। उन्होंने बताया कि पद पर रहते हुए उन्हें परेशान किया जा रहा था। वह इमानदारी के साथ काम कर रहे थे लेकिन कुछ लोग उनके काम में हस्तक्षेप कर रहे थे जिस कारण उन्होंने अपना इस्तीफा सरकार को सौप दिया है।
उन्हें पिछले साल सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व में बनी भाजपा सरकार में 28 जून को एडवोकेट जनरल बनाया गया था। उन्होंने कहा कि पद पर रहते हुए उन्हें गलत तरीके से काम करने पर मजबूर किया जा रहा था। इस दौरान उन्हें कई बार अपमानित भी किया गया।
भ्रष्टाचार के मामले में असम लोक सेवा आयोग के 11 अधिकारी गिरफ्तार
हालांकि असम सरकार के लीगल एडवाइजर शांतनु भरली से बताया कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होने कहा कि जब चौधरी को दिन-प्रतिदिन प्रताड़ित किया जा रहा था तो इस बारे में उन्हें बताना चाहिए था। अगर उन्हें किसी भी तरह की परेशानी थी तो उन्हें सरकार से संपर्क करना चाहिए था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
चिन्मय चौधरी के इस्तीफे के बाद असम सरकार ने रमेश चंद्र बोरापात्र-गोहैन को इस पद पर तैनात किया है। वह गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में लॉ फैकल्टी में डीन हैं। भरली ने बताया कि सरकार ने चिन्मय चौधरी का इस्तीफा मंजूर कर रमेश चंद्र को पद पर तैनाती दे दी है।