एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से आठ मंत्री ग्रेजुएट हैं तो दो मंत्रियों की शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास हैं। इस बार के 12 से किसी भी मंत्री पर कोई आपराधिक मुकदमा नहीं है, जबकि पिछली बार के 10 में से एक मंत्री पर गंभीर आपराधिक मामला दर्ज था। एडीआर ने यह विश्लेषण मंत्रियों द्वारा चुनाव से पहले नामांकन के समय दिए गए शपथ पत्र के आधार पर किया है।