एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर निर्वाचन आयोग के सदस्यों की नियुक्ति के लिए स्वतंत्र चयन समिति का गठन करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि इसमें कोई भी संदेह नहीं है कि चुनाव प्रक्रिया में शुद्धता लाने के लिए हमारे संविधान निर्माताओं का मकसद था कि चुनाव 'मुक्त और निष्पक्ष' होना चाहिए। एक स्वतंत्र निकाय द्वारा चुनाव प्रक्रिया को अंजाम दिया जाना चाहिए।
इस याचिका में कहा गया है कार्यपालिका द्वारा चुनाव आयोग के सदस्यों की नियुक्ति 'उठाओ और चुनो' पर आधारित है, जो संविधान की अवधारणा के विपरीत है। एडीआर की ओर से दायर याचिका में कहा गया है लोकतंत्र, संविधान के मूलभूत ढांचे का अहम हिस्सा है और 'मुक्त व निष्पक्ष' चुनाव सुनिश्चित कराना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है। ऐसे में चुनाव आयोग पर राजनीति या कार्यपालिका का कोई दखल नहीं होना चाहिए।
याचिकाकर्ता संगठन ने गुहार लगाई है कि विधि आयोग की 255वीं रिपोर्ट में की गई सिफारिशों का पालन किया जाना चाहिए। बता दें कि विधि आयोग की इस रिपोर्ट में कहा गया था कि सभी चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, राष्ट्रपति द्वारा तीन सदस्य कॉलेजियम की सलाह पर या स्वतंत्र चयन समिति द्वारा की जानी चाहिए। चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारत के मुख्य न्यायाधीश के होने की सिफारिश की गई थी।