केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आदित्य एल 1 की सफलतापूर्व लॉन्च पर इसरो के वैज्ञानिकों की सराहना की है। उन्होंने इस खास मौके पर कहा कि देश को आदित्य एल 1 की सफल लॉन्च पर गर्व है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार को आदित्य एल 1 लॉन्च किया। चंद्रयान 3 की चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग के बाद अब पूरी दुनिया की निगाहें आदित्य एल 1 पर टिकी हुई है।
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर ट्विट करते हुए कहा, 'हमारे वैज्ञानिकों ने समय पर अपनी शक्ति और प्रतिभा को साबित किया है। देश को आदित्य एल 1 की सफल लॉन्च पर गर्व और खुशी है। भारत की यह पहली सोलर मिशन है।' उन्होंने आगे कहा, 'इस उपलब्धि के लिए टीम इसरो को बधाई। यह अमृतकाल के दौरान अंतरिक्ष में पीएम नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को पूरा करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।'
झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी आदित्य एल 1 के सफल लॉन्च पर इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी। चेन्नई से लगभग 135 किमी दूर पूर्वी तट पर स्थित श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पर शनिवार यानी की दो सितंबर की सुबह 11:50 बजे आदित्य एल 1 को लॉन्च किया गया।
झारखंड के सीएम और राज्यपाल ने दी बधाई
झारखंड के राज्यपाल ने एक्स पर कहा, 'चंद्रयान-3 की सफलतापूर्वक लैंडिंग के बाद इसरो ने एक बार फिर पहली बार सूर्य का अध्ययन के लिए आदित्य एल 1 लॉन्च किया है। इस लॉन्च के लिए बधाई, सौर अन्वेषण और अभूतपूर्व खोजों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इसरो को शुभकामनाएं।'
सीएम सोरेन ने भी एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'चंद्रयान की सफलता के बाद इसरो के वैज्ञानिकों ने सपलतापूर्वक आदित्य एल 1 लॉन्च किया। इस खास मौके पर इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई।' विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भी एक्स पर कहा, 'भारत के पहले सौर मिशन आदित्य एल 1 की सफलतापूर्वक लॉन्च पर बधाई। यह इसरो के लिए बड़ी उपलब्धि है। यही उपलब्धियां राष्ट्र को प्रेरित करती है'
भारत का महत्वाकांक्षी सौर मिशन आदित्य एल-1 सौर कोरोना (सूर्य के वायुमंडल का सबसे बाहरी भाग) की बनावट और इसके तपने की प्रक्रिया, इसके तापमान, सौर विस्फोट और सौर तूफान के कारण और उत्पत्ति, कोरोना और कोरोनल लूप प्लाज्मा की बनावट, वेग और घनत्व, कोरोना के चुंबकीय क्षेत्र की माप, कोरोनल मास इजेक्शन (सूरज में होने वाले सबसे शक्तिशाली विस्फोट जो सीधे पृथ्वी की ओर आते हैं) की उत्पत्ति, विकास और गति, सौर हवाएं और अंतरिक्ष के मौसम को प्रभावित करने वाले कारकों का अध्ययन करेगा।