अधीर रंजन ने कहा- राजनीतिक परिदृश्य कांग्रेस के पक्ष में नहीं था और प्रदेश की अल्पसंख्यक समुदाय ने सांप्रदायिक ताकतों को हारने के लिए तृणमूल कांग्रेस को चुना।
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की ‘ध्रुवीकरण की राजनीति’ ने कांग्रेस को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया। हालांकि उन्होंने कहा कि इससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को काफी फायदा हुआ।
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विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर हुई बैठक के बाद उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिदृश्य कांग्रेस के पक्ष में नहीं था और प्रदेश की अल्पसंख्यक समुदाय ने सांप्रदायिक ताकतों को हारने के लिए तृणमूल कांग्रेस को चुना।
आठ चरणों में हुए चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को 294 में से 213 सीटों पर जीत मिली जबकि भाजपा को 77 सीटें मिली। वहीं कांग्रेस, वामदलों और इंडियन सेक्यूलर फ्रंट (आईएसएफ) के संयुक्त मोर्चा को मात्र एक सीट मिली। यह सीट भी आईएसएफ ने जीती।
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आईएसएफ और सीपीएम से गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने हमने आईएसएफ के साथ कभी गठजोड़ नहीं किया। हमारा गठबंधन माकपा के साथ था। हम गठबंधन से अलग नहीं हुए हैं और यह अभी बना हुआ है। आईएसएफ नेताओं ने हमारे खिलाफ या गठबंधन के खिलाफ कोई बयानबाजी नहीं की और न ही हमने। यदि गठबंधन में कोई विवाद है तो वह खुलकर सामने आ जाएगा।