सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने हाल ही में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को लेकर बयान दिया था। अब इस पर विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने रविवार को सेना प्रमुख पर निशाना साधा। उन्होंने सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को सलाह देते हुए कहा कि वह बोलें कम और काम ज्यादा करें।
अधीर रंजन चौधरी ने रविवार को ट्वीट किया कि संसद ने पहले ही साल 1994 में पीओके को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दिया था। सरकार कार्रवाई करने और निर्देश देने के लिए स्वतंत्र है। यदि आप पीओके पर कार्रवाई करने के लिए इतने ही इच्छुक हैं, तो मेरी सलाह है कि आप सीडीएस (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) और पीएमओ से बातचीत करें। कम बोलें, काम ज्यादा करें।
बता दें कि, हाल ही में सेना प्रमुख नरवणे ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि यदि संसद चाहे, तो भारतीय सेना पीओके को भारत में मिलाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि संसद ने पीओके को भारत का हिस्सा माना है। पूरा जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। आर्मी चीफ ने कहा कि चीन और पाकिस्तान सीमा पर एक साथ नजर रखने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सेना में गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाएगा न कि तादाद पर। फिर चाहे सेना के लिए उपकरण खरीदने हो या फिर जवानों की भर्ती। उन्होंने कहा कि हमें भविष्य के लिए जवानों को प्रशिक्षण देकर तैयार करना होगा। पहले की तुलना में आज सेना बेहतर तैयार है।