गुजरात के संयुक्त चुनाव अधिकारी अशोक पटेल ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल आागामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करने और राजनीतिक प्रतिनिधियों से मिलने के लिए दो दिवसीय गुजरात दौरे पर है।
गुजरात में इस साल दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले भाजपा ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुजरात में चुनावी रैलियों पर होने वाले खर्च को पार्टी के खर्च में जोड़ा जाए। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) से चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की है। मुख्य चुनाव आयुक्त दो दिवसीय राज्य दौरे पर हैं।
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गुजरात के संयुक्त चुनाव अधिकारी अशोक पटेल ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल आागामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करने और राजनीतिक प्रतिनिधियों से मिलने के लिए दो दिवसीय गुजरात दौरे पर है।
सत्तारूढ़ भाजपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ बैठक के दौरान मांग की कि मतदान का समय बढ़ाया जाए। पार्टी की ओर से गुजरात भाजपा के उपाध्यक्ष गोरधन जदाफिया गांधीनगर में मुख्य चुनाव आयुक्त से मिले।
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बैठक के बाद जदाफिया ने संवाददाताओं से कहा, हमने मुख्य चुनाव आयुक्त से मांग की है कि श्रम आयुक्त या कोई अन्य सक्षम प्राधिकारी मतदान के दिन कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए आधे दिन की छुट्टी घोषित करने का निर्देश दे ताकि वे अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें। इससे मतदान में वृद्धि होगी।
जदाफिया ने कहा कि हमने पहले कई बार देखा है कि लंबी कतारों और मतदान के समय की समाप्ति के कारण लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाए। इसलिए हमने मुख्य चुनाव आयुक्त से कृषि कामों से जुड़े लोगों समेत मजदूर वर्ग के लिए मतदान के घंटे बढ़ाने की मांग रखी।
वहीं भाजपा के नेता परिन्दु भगत ने बताया कि भाजपा ने यह भी मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैलियों पर होने वाले व्यय को एक उम्मीदवार के बजाय पार्टी के खर्च में जोड़ा जाना चाहिए।