फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court: अदाणी-हिंडनबर्ग मामले में सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला, 17 फरवरी को सुरक्षित रखा था आदेश

Thu, 02 Mar 2023 12:22 AM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट में 17 फरवरी को अदाणी-हिंडनबर्ग मामले में सुनवाई के दौरान सेबी की ओर पेश हुए सॉलिसीटर जनरल ने कमेटी के सदस्यों के नाम और उसके अधिकार पर जजों को सुझाव सौंपे थे। सॉलिसीटर जनरल ने कहा था कि हम चाहते हैं कि इस मामले में सच बाहर आए पर बाजार पर इसका असर न पड़े।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने अदाणी-हिंडनबर्ग विवाद से जुड़ी याचिकाओं और मौजूदा नियामक उपायों को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञों की समिति पर आज फैसला सुनाएगा। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने 17 फरवरी को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले पीठ ने केंद्र की तरफ से विशेषज्ञों के नाम वाले सुझाव सीलबंद लिफाफे में लेने से इनकार कर दिया था। पीठ का तर्क था कि वह निवेशकों की सुरक्षा के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करना चाहती है।

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट में 17 फरवरी को अदाणी-हिंडनबर्ग मामले में सुनवाई के दौरान सेबी की ओर पेश हुए सॉलिसीटर जनरल ने कमेटी के सदस्यों के नाम और उसके अधिकार पर जजों को सुझाव सौंपे थे। सॉलिसीटर जनरल ने कहा था कि हम चाहते हैं कि इस मामले में सच बाहर आए पर बाजार पर इसका असर न पड़े। किसी पूर्व जज को निगरानी का जिम्मा सौंपने पर कोर्ट को फैसला  लेना चाहिए। इस पर सीजेआई ने कहा था कि आपने जो नाम सौंपे हैं, वह दूसरे पक्ष को न दिए गए तो ये पारदर्शिता नहीं होगी। हम इस मामले में पूरी पारदर्शिता चाहते हैं इसलिए हम अपनी तरफ से कमेटी बनाएंगे। हम आदेश सुरक्षित रख रहे हैं। 

10 फरवरी को कोर्ट ने कहा था- निवेशकों के हितों की रक्षा जरूरी
इससे पहले शीर्ष अदालत ने 10 फरवरी को कहा था कि अदाणी समूह के शेयरों में गिरावट की पृष्ठभूमि में बाजार में उतार-चढ़ाव से भारतीय निवेशकों के हितों की रक्षा करने की जरूरत है। कोर्ट ने केंद्र से कहा था कि वह नियामकीय तंत्र को मजबूत करने के लिए एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेषज्ञों का एक पैनल गठित करने पर विचार करे। 
विज्ञापन


बता दें कि इस मामले में अब तक वकील एमएल शर्मा और विशाल तिवारी, कांग्रेस नेता जया ठाकुर और कार्यकर्ता मुकेश कुमार ने  शीर्ष अदालत में चार जनहित याचिकाएं दायर की हैं। हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से अदाणी समूह के खिलाफ धोखाधड़ी वाले लेनदेन और शेयर-मूल्य में हेरफेर सहित कई आरोप लगाए जाने के बाद शेयर बाजारों में गिरावट आई है।

अदाणी समूह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बताया था झूठा
दूसरी तरफ अदाणी समूह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को झूठा बताते हुए उन्हें खारिज कर दिया है और कहा है कि वह सभी कानूनों और डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स का पालन करता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें