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सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर भी जेल से निकलने का इंतजार

Wed, 22 Jun 2016 03:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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झारखंड के जेल में बंद एक आरोपी को सुप्रीम कोर्ट ने चिकित्सकीय आधार पर जमानत दे दी, लेकिन उस आरोपी की किस्मत में फिलहाल जेल में बाहर निकलना नहीं है। वास्तव में जिस खंडपीठ ने आरोपी को जमानत दी, उसके एक जज ने तो जमानत के आदेश पर तो हस्ताक्षर कर दिए लेकिन दूसरे जज उस आदेश पर हस्ताक्षर करना भूल गए और छुट्टी पर चले गए।
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पुष्पेंद्र कुमार सिन्हा नामक इस आरोपी को जेल से रिहाई के लिए अब गर्मी की छुट्टी खत्म होने का इंतजार करना पड़ेगा। 

गत 17 जून को न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की अवकाशकालीन पीठ ने आरोपी पुष्पेंद्र कुमार सिन्हा को जमानत दे दी थी। पुष्पेंद्र कई बीमारियों से पीड़ित है। इस आधार पर ही उसे जमानत दी गई थी।

मंगलवार को पुष्पेंद्र की ओर से पेश वकील प्रणव सचदेवा ने न्यायमूर्ति शिवकीर्ति सिंह की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन पीठ को बताया कि उसके मुवक्किल केजमानत का आदेश हो गया है। लेकिन खंडपीठ केएक जज ने तो आदेश पर हस्ताक्षर कर दिया है लेकिन दूसरे जज हस्ताक्षर नहीं कर पाए और वह अब दिल्ली से बाहर हैं। 
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लेकिन न्यायमूर्ति शिवकीर्ति सिंह की पीठ ने हम इसमें कुछ नहीं कर सकते। हम आदेश पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते। पीठ ने कहा कि आपके प्रति हमारी पूरी सहानुभूति है लेकिन अब क्या कर सकते हैं। आपको ग्रीष्मावकाश खत्म होने का इंतजार करना पड़ेगा। मालूम हो कि 29 जून तक सुप्रीम कोर्ट खुलेगा।
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पीठ ने यह भी जानना चाहा कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट नियम क्या कहता है? जिस पर वकील सचदेवा ने कहा कि आदेश पर दोनों केहस्ताक्षर होने चाहिए।
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