बॉलीवुड फिल्म स्टार सोनू सूद ने श्रमिकों को बसों से उनके घरों तक भेजने की व्यवस्था कर लोगों के दिलों में अपने लिए खास जगह बनाई है। वे अब तक 18 हजार लोगों को उनके घरों तक पहुंचा चुके हैं।
सोनू सूद के काम से प्रभावित होकर एक महिला ने अपने बच्चे का नाम सोनू सूद रख लिया था। अमर उजाला के इस सवाल पर कि यह सुनकर उन्हें कैसा लगा, फिल्म एक्टर ने कहा कि जब वे फिल्म इंडस्ट्री में आए थे तो कुछ लोग कहते थे कि वे इस नाम से प्रसिद्धि हासिल नहीं कर पाएंगे।
इस पर उन्होंने कहा था कि यही नाम उन्हें यहां तक लेकर आया है तो आगे भी यही नाम लेकर जाएगा। उन्होंने अपने दोस्तों का नाम बदलने का सुझाव ठुकरा दिया। लेकिन आज जब महिला ने अपने बच्चे का नाम उनके नाम पर रखा तो यह देखकर उन्हें काफी खुशी महसूस हुई।
अमर उजाला के इस सवाल पर कि लोगों को उनके घरों को भेजने के लिए उन्हें लगातार काम करना पड़ रहा है, ऐसे में वे अपने पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन से तालमेल कैसे बिठा रहे हैं, सोनू सूद ने कहा कि उन्हें देर रात तक काम करना पड़ रहा है और वे पिछले तीन-चार रातों से सो नहीं पाए हैं।
लेकिन लोग उन पर भरोसा कर रहे हैं और दिन-रात उनसे संपर्क कर अपने घर पहुंचना चाहते हैं, यह विचार ही उन्हें लगातार काम करते रहने के लिए प्रेरित करता है।
वह बताते हैं, उनके बेटे ने उनसे कहा कि वे उन्हें समय नहीं दे पा रहे हैं। इस पर उन्होंने अपने बेटे को बताया कि उनके इस समय के कारण ही हजारों लोग अपने मां-बाप और अपने परिवार के साथ समय बिता पा रहे हैं।