सरकार नोटबंदी के बाद काला धन ठिकाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत अब कुछ मामलों में लोन डिपोजिट के जरिये काले धन को सफेद करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। सरकार ऑपरेशन क्लीन के तहत 20,000 रुपये या इससे ज्यादा की रकम लोन डिपोजिट के तहत जमा करने पर समान राशि का जुर्माना लगा सकती है।
सीबीडीटी की ओर से मंगलवार को जारी निर्देशों के मुताबिक कर निर्धारित करने वाले अफसरों को 18 लाख लोगों की जांच करनी होगी। इन लोगों को इस कवायद के तहत मैसेज भेजा गया है। अगर स्वीकार्य सीमा से ऊपर लोन या इसकी अदायगी के तौर पर रकम खाते में जमा कराई गई है तो संबंधित प्रावधानों के मुताबिक कार्रवाई हो सकती है।
इस संबंध में आयकर की धारा 269एसएस 269टी का हवाला दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक 8 नवंबर के बाद इस तरह के लेनदेन को तभी लोन ट्रांजेक्शन माना जाएगा, जब आयकर दाता से पूछताछ में इसकी पुष्टि हो जाएगी।