राष्ट्रीय बाल आयोग के चेयरमैन प्रियांक कानूनगो (फाइल फोटो)
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राष्ट्रीय बाल आयोग ने कोरोना संक्रमण में अपने अभिभावकों को खोने वाले बच्चों की पहचान उजागर करने को लेकर नोएडा और महाराष्ट्र के दो स्वयंसेवी संस्था के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। इन संस्थाओं पर आपदा में अनाथ हुए बच्चों का ब्योरा एकत्र करने के आरोप हैं।
राष्ट्रीय बाल आयोग के चेयरमैन प्रियांक कानूनगो ने कहा कि किशोर न्याय कानून के तहत बच्चों की देखभाल के लिए योजना बनाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि देश में पर्याप्त संसाधन हैं, जिनसे अनाथ हुए बच्चों की देखभाल की जा सकती है। बाल कल्याण कमेटी की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है।
एनसीपीसीआर समिति के साथ बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए 24 घंटे सातों दिन सजगता के साथ काम कर रहा है। इसमें राज्यवार ऐसे बच्चों के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं, हालांकि उनकी पहचान सार्वजनिक करने पर रोक है।
18001212830 पर ले सकते हैं परामर्श
दिए गए नंबर पर ऐसे बच्चे सुबह 10 बजे से रात के 8 बजे तक टेली-परामर्श सेवा का लाभ ले सकेंगे। सात से ज्यादा क्षेत्रीय भाषाओं में बच्चे इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे।