Maharashtra: आरएसएस संस्थापक के स्मारक की रेकी करने के आरोपी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आरोपी ने याचिका दायर कर दावा किया कि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। मामले पर अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।
जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी होने और नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) संस्थापक के स्मारक की रेकी करने के आरोपी जम्मू-कश्मीर निवासी व्यक्ति ने बॉम्बे हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की। याचिका में दावा किया गया है कि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। मामले में अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।
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रईस अहमद शेख असदुल्ला शेख को 15 सितंबर, 2021 को नागपुर के रेशिमबाग इलाके में स्थित आरएसएस के संस्थापक डॉ केबी हेडगेवार के स्मारक (डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर) की रेकी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। निचली अदालत के जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद शेख ने 11 मार्च को उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ का रुख किया। शेख वर्तमान में नागपुर केंद्रीय कारागार में बंद है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, शेख ने कथित तौर पर शहर के महल इलाके में स्थित आरएसएस मुख्यालय की टोह लेने की भी साजिश रची थी, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाया। अधिवक्ता निहालसिंह राठौड़ के माध्यम से दायर जमानत याचिका में शेख ने दावा किया कि यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि उसने किसी भी गैरकानूनी गतिविधि को अंजाम देने के लिए उपरोक्त स्थानों की रेकी की थी।
उसके वकील ने अदालत में दलील दी कि शेख का कृत्य, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के दायरे में नहीं आता। सरकारी वकील देवेंद्र चौहान ने अदालत को बताया कि यह साबित करने के लिए पर्याप्त सामग्री है कि आरोपी शेख प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा है।