फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2200 करोड़ की धोखाधड़ी: ईडी के रेड कॉर्नर नोटिस पर अमेरिका में रोका गया आरोपी, वीजा रद्द कर दिल्ली वापस लाए

Thu, 06 Nov 2025 07:19 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
ED - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय के निर्देश पर इंटरपोल द्वारा जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर, रियल्टी फर्म एसआरएस ग्रुप के सह-संस्थापक और प्रमोटर, प्रवीण कुमार कपूर को अमेरिकी अधिकारियों ने भारत प्रत्यर्पित कर दिया है। प्रवीण कुमार कपूर को अमेरिका के नेवार्क अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। अमेरिकी अधिकारियों ने उनका बी1/बी2 वीज़ा रद्द कर दिया। इसके बाद, उन्हें 2 नवंबर को वापस नई दिल्ली प्रत्यर्पित कर दिया गया। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय, गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा जारी लुकआउट सर्कुलर (एलईए) के आधार पर संबंधित एलईए द्वारा रोक लिया गया।

विज्ञापन


ईडी ने फरीदाबाद, दिल्ली और सीबीआई के विभिन्न पुलिस थानों में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज 81 एफआईआर के आधार पर एसआरएस ग्रुप के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। ग्रुप पर निवेशकों और बैंकों के साथ 2200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। ईडी की जांच से पता चला है कि एसआरएस ग्रुप के आरोपी व्यक्तियों/संस्थाओं ने निवेशकों को उनके निवेश पर उच्च रिटर्न और विभिन्न आवासीय व वाणिज्यिक परियोजनाओं में निवेश करने के लिए लुभाया। ऐसे निवेशों से प्राप्त धनराशि को एसआरएस ग्रुप द्वारा बनाई गई सैकड़ों फर्जी कंपनियों में जमा किया गया और बाद में उसे सफेद कर दिया गया। 

इस मामले में 2215.98 करोड़ रुपये का एक अनंतिम कुर्की आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है। प्रवीण कुमार कपूर एसआरएस समूह के दो अन्य प्रमोटर-निदेशक-जितेंद्र कुमार गर्ग और सुनील जिंदल के साथ कई बर्षों से फरार हैं। इसी के चलते वे जांच से बचते रहे हैं। कपूर को ईडी द्वारा पीएमएलए की विशेष अदालत, गुरुग्राम के समक्ष दायर अभियोजन शिकायत में आरोपी बनाया गया था। विशेष अदालत ने ईडी द्वारा दायर अभियोजन शिकायत का संज्ञान लिया है। आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जा रहे हैं। ईडी के प्रयासों के कारण, उनके खिलाफ पीएमएलए की विशेष अदालत, गुरुग्राम द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किए गए और बाद में उन्हें घोषित अपराधी घोषित किया गया। प्रवीण कुमार कपूर, जितेंद्र कुमार गर्ग और सुनील जिंदल के खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए) के तहत कार्यवाही भी ईडी द्वारा शुरू की गई थी, ताकि उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें