पूर्वात्तर राज्यों में बढ़ रहे उग्रवाद को लेकर पीएम मोदी ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि नक्सल प्रभावित राज्यों की तर्ज पर पूर्वात्तर राज्यों में उग्रवादी समूहों के खिलाफ एक संयुक्त रूप से अभियान चालने की जरूरत हैं। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पीएम मोदी ने यह सुझाव राज्यस्थान के जयपुर में हाल ही में संपन्न हुए तीन दिवसीय पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों के सम्मेलन में दिया था। अधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण घटकों पर विचार विमर्श किया गया, जिसमें नए अपराधिक कानून, आतंकवाद विरोध रणनीतियां, वामपंथी उग्रवाद, उभरते साइबर खतरे और दुनियाभर में कट्टरवादी विरोधी मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इस दौरान पीएम मोदी ने नागरिक पहले, गरिमा पहले, न्याय पहले की भावना पर जोर दिया है। साथ ही कहा कि नए आपराधिक कानून इन्हीं भावना को ध्यान में रखकर बनाया गया हैं।
बताया जा रहा है कि इस दौरान पीएम मोदी ने पुलिस के मौजूद कर्मियों से कहा कि अब डंडा के बजाए डेटा पर अधिक जोर देना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि नए कानून भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में एक आदर्श बदलाव थे। साथ ही कहा कि महिलाओं और लड़कियों को उनके अधिकारों और नए कानूनों के तहत उन्हें सुरक्षा के बारे में जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया गया हैं। सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और देश के कई शीर्ष पुलिस अधिकारी मौजूद थे। पिछले वर्षों की तरह सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर के कई स्थानों से विभिन्न रैंकों के 500 से अधिक पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया था।