बुधवार देर रात मृतकों का आंकड़ा बढ़ने से पहले, इस हादसे के बारे में पालघर के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेकानंद कदम ने प्रारंभिक जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि रमाबाई अपार्टमेंट का पिछला हिस्सा बगल की चॉल पर गिर गया, जिससे कई लोग उसमें फंस गए। कदम ने कहा, 'दुर्भाग्य से हमने 24 वर्षीय आरोही ओमकार जोविल और एक वर्षीय उत्कर्षा जोविल को खो दिया है। दोनों मलबे के नीचे बेहोश पाए गए और अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।'
घायलों को मुंबई से लगभग 60 किलोमीटर दूर विरार और पड़ोसी नालासोपारा के अस्पतालों में भेजा गया है। कदम ने कहा, 'हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि मलबे के नीचे कोई भी फंसा न रहे। हम उन्नत उपकरणों और प्रशिक्षित बचाव कर्मियों की मदद से तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं।'
वीवीएमसी के एक प्रवक्ता ने दुर्घटनास्थल पर मीडिया को बताया कि एनडीआरएफ की दो टीमें मलबा हटाने और यह पता लगाने के लिए काम कर रही हैं कि क्या कोई और व्यक्ति नीचे फंसा है। उन्होंने कहा, 'दो विंग वाली यह इमारत अवैध है।' एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इस हादसे ने इमारत के निवासियों की ओर से आयोजित गणेश उत्सव समारोह को भी प्रभावित किया है। अब बप्पा का कार्यक्रम कैसे किया जाएगा, पता नहीं।
भीड़ को नियंत्रित करने और चल रहे प्रयासों को सुगम बनाने के लिए घटनास्थल के चारों ओर एक अस्थायी बैरिकेड लगा दिया गया है। कदम ने बताया कि संरचनात्मक इंजीनियर इमारत के शेष हिस्सों में भी आगे के खतरे का आकलन कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, 'हम आस-पास की इमारतों की संरचनात्मक स्थिरता और ढहने के कारणों का आकलन करने के लिए नगरपालिका अधिकारियों के साथ भी काम कर रहे हैं। एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों के निवासियों को अस्थायी रूप से बाहर निकाल दिया गया है।'