कोलकाता पुलिस ने 16 साल के एक किशोर की मौत के सिलसिले में एक एंबुलेंस ड्राइवर और फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। किशोर को पहले बर्दवान के एक नर्सिंग होम में दाखिल किया गया था। लेकिन उसकी तबीयत बिगड़ने पर किशोर के पिता रंजीत दास ने उसे कोलकाता ले जाने का फैसला किया।
लेकिन नर्सिंग होम के अधिकारियों ने एंबुलेंस में किशोर के साथ एक एसी मैकेनिक को फर्जी डॉक्टर बनाकर भेज दिया। रास्ते में किशोर की तबीयत और बिगड़ने पर मैकेनिक उसका इलाज नहीं कर सका। नतीजतन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। रंजीत दास की शिकायत के आधार पर ड्राइवर तारा बाबू शाह व फर्जी डॉक्टर सरफराजुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया है।
दास ने बताया कि उनके पुत्र को तेज बुखार और पीठ में दर्द की शिकायत थी। लेकिन नर्सिंग होम के अधिकारियों की लापरवाही से उसकी असमय ही मौत हो गई। एंबुलेंस में अगर कोई डॉक्टर होता तो किशोर की जान बचाई जा सकती थी।