अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में अध्यक्ष सहित तीन पदों पर जीत हासिल किया है। इस अवसर पर हमारे संवाददाता
से टेलीफोन पर बातचीत की। प्रस्तुत है वार्ता के प्रमुख अंश-
अंकिव जी, एबीवीपी ने अच्छी सफलता हासिल की है। लेकिन एनएसयूआई का आरोप है कि एबीवीपी और चुनाव में लगे प्रशासन ने ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी की जिससे आपको ऐसी जीत मिली। क्या कहेंगे?
चुनाव में वोटिंग और उसके बाद मतगणना मीडिया और खुद एनएसयूआई के नेताओं की उपस्थिति में हुई है। मतगणना के दौरान कुछ विवाद के बाद एनएसयूआई के नेताओं की सहमति के बाद किसी निर्णय पर पहुंचा गया है। ऐसे में अब विवाद के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिये। वैसे भी, विवाद कुछ 40-45 वोट का था, जबकि हमारी जीत का अंतर दो हजार से भी अधिक वोट का रहा था। ऐसे में अपनी हार छिपाने के लिए बिना वजह विवाद नहीं करना चाहिए।
अध्यक्ष बनने के बाद आपकी प्राथमिकता क्या होगी?
हमने अपने चुनावी घोषणा पत्र में जो भी वायदे किये हैं, उन सबको इसी साल के अंदर पूरा कराना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। छात्राओं को विश्वविद्यालय परिसर और उनके हॉस्टल में सुरक्षापूर्ण वातावरण देना, सभी छात्रों के लिए स्पोर्ट्स की सुविधा, 24 घण्टे लाइब्रेरी को खोलना, बसों-मेट्रो के किराए में कटौती और छात्रों के लिए विशेष पास के लिए हम प्रयास करेंगे।
आज युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार की है?
देश में सम्भवतः पहली बार हम छात्रों को सीधे मंत्रालयों में प्रशिक्षु के तौर पर लगवाएंगे। इससे उन्हें आय भी होगी और सीधे सरकार की मशीनरी में रहकर काम करने का अनुभव मिलेगा। इससे बाद में उन्हें रोजगार मिलने में आसानी होगी। दूसरे हम उनके लिए विशेष स्किल ट्रेनिंग दिलवाएंगे जो वोकेशनल कोर्स के रूप में उन्हें रोजगार दिलवाने में मदद करेगा।
क्या आपको लगता है कि एबीवीपी की जीत यह दर्शाती है कि युवाओं में पीएम मोदी का क्रेज अभी बचा हुआ है?
क्यों नहीं, बिल्कुल। राष्ट्रवाद हमारी संस्कृति है और हमारी जीत युवाओं में बढ़ती राष्ट्रवादी सोच को दिखाती है। मुझे लगता है कि 2019 में युवाओं का समर्थन मोदी जी को जरूर मिलेगा।
लगातार यह बात सामने आ रही है कि मोदी सरकार रोजगार के मोर्चे पर फेल रही है। उच्च शिक्षा के बजट में भारी कटौती की गई है। क्या कहेंगे?
देखिये, हमारी प्राथमिकता हमारा युवा छात्र है। अगर सरकार युवाओं के खिलाफ कोई फैसला लेगी तो हम उसका भी पुरजोर विरोध करेंगे। पहले भी हमने यूजीसी का विरोध किया था और आगे कुछ गलत होगा तो दुबारा विरोध करेंगे। मुझे उम्मीद है कि सरकार युवाओं के लिए बेहतर सोच और योजनाओं के साथ सामने आएगी।
डूसू चुनाव में जीत के लिए आपको शुभकामनाएं।